E85 Vs E20 Petrol Cars: देश में नया फ्यूल लॉन्च हुआ है- E85. हाल ही में जो नई फ्लेक्स फ्यूल कार और बाइक्स लॉन्च हुई है, वो इस E85 फ्यूल पर भी चलेंगी. कई लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल पर चलने वाली पुरानी कारें बंद हो जाएंगी. हो सकता है कि आपके मन में भी ये सवाल उठा हो! एक पल को हमने भी यही सोचा. इधर-उधर खंगाला, तो केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के सोशल मीडिया हैंडल पर उनका एक वीडियो मिला, जिसमें वो इस सवाल का जवाब दे रहे हैं. जवाब, जो आपकी टेंशन दूर कर देगा. चलिए पूरी जानकारी ले लीजिए. आप वो वीडियो भी देख सकते हैं.
दरअसल, देशभर के पेट्रोल पंपों पर मौजूदा समय में E20 पेट्रोल यानी 20% इथेनॉल मिले हुए पेट्रोल बिक रहे हैं. सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को धीरे-धीरे बढ़ाने वाली है. इस कड़ी में इस महीने 3 बड़े लॉन्च हुए. 3 जून को हीरो मोटोकॉर्प ने फ्लेक्स फ्यूल बाइक्स लॉन्च की. 4 जून को मारुति ने फ्लेक्स फ्यूल वैगरआर कार लॉन्च की. और फिर 5 जून को E85 फ्यूल लॉन्च हुआ, जिस पर ये कार और बाइक्स चलेंगी. पर्यावरण दिवस के मौके पर जब दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी E85 फ्यूल लॉन्च करने आ रहे थे तो उन्हें एक मैसेज मिला कि E85 फ्यूल आ जाने पर अब पुरानी पेट्रोल कारों का क्या होगा, क्या सरकार इसे बंद करने जा रही है. इसी का केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया है.
पेट्रोल वाली पुरानी कारों का क्या होगा?
केंद्रीय मंत्री ने E85 के लॉन्च समारोह में आश्वस्त किया कि पेट्रोल वाली पुरानी कारें बंद नहीं होने जा रही हैं. E85 ईंधन आ गया, अब E20 अनुकूल गाड़ियों का क्या होगा... उन्होंने इस सवाल का जवाब दिया है. उन्होंने कहा, 'E85 लॉन्च होने का ये कतई मतलब नहीं कि E20 पेट्रोल पर चलने वाली कारें बंद हो जाएंगी.
आगे वे बोले-'E20 और E85 दो अलग-अलग कैटगरी के फ्यूल हैं, जो अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए बनाए गए हैं. E85 के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि E20 या पेट्रोल वाहन बंद हो जाएंगे. E85 ईंधन सिर्फ और सिर्फ फ्लेक्स फ्यूल वाहन के लिए है, सामान्य E20 अनुकूल वाहन के लिए नहीं.'
ब्राजील में दशकों से इस्तेमाल हो रहा E85 फ्यूल
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ब्राजील में दशकों से E85 ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है. फ्लेक्स फ्यूल वाले वाहन के इंजन E20 से लेकर E100 तक के विभिन्न इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों पर चल सकते हैं.
E85 फ्यूल क्यों लॉन्च किया गया, इस सवाल पर उन्होंने कहा, 'प्रदूषण कम करने के लिए ये जरूरी है. फॉसिल फ्यूल से ग्रीन फ्यूल पर शिफ्ट होना, एक मोटिवेशन की तरह हो सकता है.' वे बोले, 'ये किसानों की आय बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा. ये भारत के स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर निरंतर बढ़ते कदम को दर्शाता है.'