New Tax Regime Benefits: भारत में मिडिल क्लास और सैलरीड पर्सन की हर साल प्लानिंग यही रहती है कि टैक्स का बोझ कम किया जा सके. मौजूदा समय में टैक्सपेयर्स का यही मानना है कि पुरानी रिजीम के मुकाबले नई रिजीम में टैक्स छूट के ऑप्शन बहुत ही कम हैं. हालांकि इसके स्लैब में टैक्स फ्री इनकम का दायरा बढ़ा है, पर निवेश करने पर कुछ ज्यादा फायदा नहीं है.
पर सेक्शन 87A के साथ ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट के लिए नई रिजीम में जबरदस्त फायदे मौजूद है. इस खबर में आपको उन 5 बड़ी बातों के बारे में बताते हैं, जो नई टैक्स रिजीम अपने टैक्सपेयर्स को देती है.
12 लाख तक कोई टैक्स नहीं
नई टैक्स रिजीम का सबसे बड़ा फायदा सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स रिबेट है. यानी अब 12 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वाले लोगों को 60 हजार रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है. इसका सीधा मतलब है कि अगर आपकी कुल आय 12 लाख रुपये तक है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना है.
स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा
सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया है. मतलब 12.75 लाख रुपये तक की सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स को स्टैंडर्ड डिडक्शन का बेनिफिट मिलने के बाद उसकी टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपये ही रह जाएगी. यानी टैक्स लायबिलिटी का सवाल ही नहीं है.
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एनपीएस का फायदा
अगर आपकी कंपनी आपके एनपीएस खाते में कंट्रीब्यूशन करती है, तो आप सेक्शन 80CCD(2) के तहत अपनी सैलरी के 10%, वहीं अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं तो 14% तक के डिडक्शन का क्लेम कर सकते हैं. इससे आपकी टैक्स सेविंग और मजबूत होगी.
ग्रेच्युटी पर बड़ी छूट
रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी नई रिजीम में सरकारी कर्मचारियों के लिए यह पूरी तरह टैक्स फ्री है, वहीं प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए 20 लाख रुपये तक के अमाउंट पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.
लीव एनकैशमेंट
रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के समय बची हुई छुट्टियों के बदले मिलने वाला पैसा, जिसे लीव एनकैशमेंट कहा जाता है, इसका भी एक फिक्स अमाउंट टैक्स फ्री है. यह उन कर्मचारियों के फायदेमंद हो जो लंबी सर्विस के बाद लंप सम बड़ा अमाउंट लेते हैं.














