Small Cap Multibagger Stock: शेयर बाजार में जब ज्यादातर शेयर दबाव में हों तब अगर कोई स्टॉक अचानक तेज रफ्तार पकड़ ले तो निवेशकों की नजर अपने आप वहीं टिक जाती है. बीते कारोबारी दिन Mercury EV Tech के शेयर में ऐसा ही कुछ देखने को मिला. पांच साल में 5000 फीसदी से ज्यादा रिटर्न देने वाला यह स्मॉल कैप स्टॉक एक ही दिन में 15 फीसदी से ज्यादा उछल गया. कम कीमत वाले इस शेयर में अचानक बढ़ी खरीदारी ने छोटे निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इस तेजी की वजह क्या है. तो चलिए जानते हैं...
एक दिन में 15 फीसदी की तेज उछाल
शुक्रवार 23 जनवरी को Mercury EV Tech के शेयर ने सबको चौंका दिया. बाजार में कमजोरी के बावजूद यह शेयर करीब 15.5 फीसदी चढ़कर ₹36.51 तक पहुंच गया. हाल के दिनों में इस स्टॉक में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था. कुछ ही दिन पहले यह ₹29.95 के आसपास अपने साल के निचले स्तर पर आ गया था. वहीं जनवरी 2025 में इसका 52 हफ्ते का ऊपरी स्तर ₹87 रहा था. अभी भी यह अपने हाई से करीब 58 फीसदी नीचे है.
वॉल्यूम बढ़ा तो निवेशकों का भरोसा लौटा
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह ट्रेडिंग वॉल्यूम का अचानक बढ़ना माना जा रहा है. बीएसई पर इस शेयर में 2.19 लाख से लेकर 2.27 लाख तक के शेयरों का कारोबार हुआ जो पिछले कई दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा है. ज्यादा वॉल्यूम का मतलब यही होता है कि निवेशकों की दिलचस्पी फिर से लौट रही है और लोग इस स्टॉक पर नजर बनाए हुए हैं.
5 साल में ₹1 लाख को बनाया ₹50 लाख
लंबे समय के निवेशकों के लिए Mercury EV Tech किसी सपने से कम नहीं रहा है. पिछले पांच साल में इस स्टॉक ने 5000 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. आसान भाषा में समझें तो जिसने पांच साल पहले इसमें ₹1 लाख लगाए होते आज उसकी कीमत करीब ₹50 लाख के आसपास होती. यही वजह है कि इसे मल्टीबैगर स्मॉल कैप स्टॉक कहा जाता है.
हालांकि हालिया तेजी के बावजूद शॉर्ट टर्म की बात करें तो स्टॉक का प्रदर्शन कमजोर रहा है. बीते एक साल में शेयर करीब 58 फीसदी गिर चुका है. पिछले छह महीने में इसमें 30 फीसदी की गिरावट आई है. तीन महीने में 21 फीसदी और एक महीने में करीब 8.5 फीसदी की कमजोरी देखी गई है. यही कारण है कि अब आई तेजी को लेकर बाजार में चर्चा तेज है.
कंपनी की AGM में लिए गए बड़े फैसले
Mercury EV Tech ने 15 दिसंबर 2025 को वडोदरा में अपनी 39वीं सालाना बैठक की थी. इस मीटिंग में कंपनी के सालाना नतीजों को मंजूरी दी गई. डायरेक्टर दर्शंकुमार शाह की दोबारा नियुक्ति हुई और रिया शर्मा को नई नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया. इसके अलावा कंपनी ने ऑडिट से जुड़े फैसले लिए और बोर्ड को जरूरी फाइनेंशियल फैसलों की मंजूरी दी गई. कंपनी के चेयरमैन जयेश ठक्कर ने निवेशकों को आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी.
कंपनी के नतीजे क्यों बढ़ा रहे हैं उम्मीद?
वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी के आंकड़े बेहतर होते दिख रहे हैं. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की बिक्री 51 फीसदी बढ़कर ₹34.01 करोड़ हो गई. मुनाफा भी 35 फीसदी बढ़कर ₹1.72 करोड़ पहुंच गया. पूरे पहले छह महीने में बिक्री 142 फीसदी बढ़कर ₹56.58 करोड़ रही और मुनाफा ₹2.99 करोड़ तक पहुंच गया. साल दर साल आधार पर भी कंपनी का मुनाफा और कमाई दोनों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है.
1986 में शुरू हुई Mercury EV Tech इलेक्ट्रिक गाड़ियों और रिन्यूएबल एनर्जी के कारोबार में है. कंपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर कार बस और खास तरह की इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाती है. होटल और इंडस्ट्री के लिए कस्टम इलेक्ट्रिक व्हीकल भी कंपनी की पहचान हैं. EV सेक्टर में बढ़ती डिमांड के चलते निवेशक इस स्टॉक को फिर से ट्रैक कर रहे हैं.है. हालांकि स्मॉल कैप शेयरों में जोखिम भी ज्यादा होता है इसलिए निवेश से पहले समझदारी जरूरी है.
नोट- यह सिर्फ एक सामान्य जानकारी है. किसी भी तरह के निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.














