ITR-U Calculation: अक्सर टैक्स फाइल करते समय हमसे कुछ छोटी-बड़ी गलतियां हो जाती हैं. कभी कोई बैंक ब्याज की जानकारी छूट जाती है, तो कभी किसी दूसरे सोर्स से हुई इनकम को हम बताना भूल जाते हैं. पहले इन गलतियों को सुधारना एक बड़ी सिरदर्दी थी, लेकिन अब रिवाइज्ड आईटीआर (ITR-U) ने इसे आसान बना दिया है. हालांकि, ये मौका आपको फ्री में नहीं मिलता है. अपनी गलती को बताने में आप जितनी देरी करेंगे, सरकार को उतना ही एक्सट्रा टैक्स चुकाना होगा.
31 मार्च 2026 AY 2021-22 के लिए अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख है. ऐसे में अपडेटेड रिटर्न के पूरे प्रोसेस को लेकर हमने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजा मंगला से बात की. उन्होंने आसान भाषा में समझाया कि ये अपडेटेड रिटर्न क्या है, इसमें कब और कितनी पेनल्टी लगती है. इसके अलावा किस साल की रिटर्न में कब तक टैक्सपेयर्स सुधार कर सकते हैं,
सीए राजा मंगला
क्या है अपडेटेड रिटर्न (ITR-U)?
सीए राजा मंगला ने बताया कि अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) एक ऐसा फॉर्म है जो टैक्सपेयर्स को अपने पिछले टैक्स रिटर्न में हुई गलतियों या भूल को सुधारने का मौका देता है. अगर समय सीमा के अंदर रिटर्न फाइल नहीं किया है, या फाइल किया है लेकिन उसमें इनकम कम दिखाई है, तो आप ITR-U की मदद ले सकते हैं.
ITR-U कब फाइल कर सकते हैं?
- अगर रिटर्न या बिलेटेड रिटर्न की समय सीमा मिस कर दी हो
- अगर पिछली बार इनकम की सही जानकारी नहीं दी गई
- अगर इनकम का गलत हेड चुन लिया गया हो
- गलत रेट पर टैक्स चुकाया गया हो
- कैरी फॉरवर्ड लॉस या अनएब्जॉर्ब्ड डेप्रिसिएशन को कम करना हो
- सेक्शन 115JB/115JC के तहत टैक्स क्रेडिट को कम करना हो
कौन नहीं फाइल कर सकता ITR-U?
- अगर पहले ही उस साल का अपडेटेड रिटर्न भर चुके हैं
- रिटर्न कम करने या जीरो करने के लिए
- टैक्स रिफंड का क्लेम या रिफंड का अमाउंट बढ़ाने के लिए
- अगर अपडेटेड रिटर्न भरने से टोटल टैक्स कम हो रहा हो
- अगर टैक्सपेयर्स के खिलाफ सेक्शन 132 में तलाशी या सेक्शन 133A में सर्वे चल रहा हो
- अगर किसी टैक्सपेयर्स की संपत्ति या दस्तावेज जब्त किए गए हों
ITR-U Calculation
देरी पड़ेगी भारी
ITR-U दाखिल करने की समय सीमा 4 साल है, लेकिन एक्सट्रा टैक्स का बोझ समय के साथ बढ़ता जाता है. सीए राजा मंगला से समझें कि आपको कब तक सुधार का मौका मिलेगा.
- AY 2021-22 31 मार्च 2026
- AY 2022-23 31 मार्च 2027
- AY 2023-24 31 मार्च 2028
- AY 2024-25 31 मार्च 2029
कितना एक्सट्रा पैसा देना होगा?
सीए राजा मंगला ने उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए आप 1 लाख रुपये की इनकम दिखाना भूल गए, जिस पर टैक्स और ब्याज मिलाकर 35 हजार रुपये बनता है. अब देखें कि समय के साथ आपकी जेब पर कितना भार बढ़ेगा.
- 1 साल के अंदर: 25% अतिरिक्त टैक्स = कुल ₹43,750
- 2 साल के अंदर: 50% अतिरिक्त टैक्स = कुल ₹52,500
- 3 साल के अंदर: 60% अतिरिक्त टैक्स = कुल ₹56,000
- 4 साल के अंदर: 70% अतिरिक्त टैक्स = कुल ₹59,500
(यहां 30% टैक्स रेट और ₹5,000 ब्याज का अनुमान लिया गया है, जो कि समय के साथ बदल सकता है.)
- टोटल टैक्स देनदारी = टैक्स + ब्याज + देरी से जमा करने पर पेनल्टी + एक्सट्रा टैक्स
- नेट टैक्स देनदारी = टोटल टैक्स देनदारी – टीडीएस/टीसीएस/एडवांस टैक्स/टैक्स रिलीफ














