Iran-Israel War Impact on Dubai Real Estate: दुनिया भर के अमीरों के लिए पसंदीदा दुबई रियल एस्टेट इस समय संकट में है. ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों ने इस रियल एस्टेट मार्केट में हड़कंप मचा दिया है. जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ सालों जिस रफ्तार से प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ रही थी, अब उस पर ब्रेक लग सकता है.
छवि को लगा झटका
दुबई के रियल एस्टेट ब्रोकर्स और डेवलपर्स ने जानकारी दी कि खाड़ी सहयोग परिषद देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों से यह लंबे समय से चली आ रही धारणा दूर हो जाएगी कि दुबई संघर्षों के दौरान धन रखने के लिए एक सुरक्षित जगह है. इस धारणा की वजह से ही पहले के क्षेत्रीय संकटों के बाद रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के निवेशकों को दुबई आकर्षित करने में सफल रहा था.
दुबई में 2025 में रियल एस्टेट से जुड़े 2.15 लाख से ज्यादा लेनदेन हुए थे और इनकी सेल्स वैल्यू करीब 187 अरब डॉलर थी. इसकी वजह लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग और भारत के साथ दूसरे विदेशी खरीदारों का दुबई में प्रॉपर्टी निवेश में रुचि होना था.
अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर कई वीडियो फुटेज वायरल हैं, जिसमें ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को सैन्य ठिकानों और दूसरे अहम बुनियादी ढांचों की ओर बढ़ते हुए देखा जा सकता है, जिन्हें लोकल सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया. यूएई के सरकारी मीडिया के मुताबिक ईरानी हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
खामेनेई की मौत के बाद और बिगड़ी स्थिति
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने रविवार को बताया कि ईरान पर हुए हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. इसके बाद यह टेंशन अलग लेवल पर जा पहुंचा है. यूएई अधिकारियों के अनुसार, हमलों का असर रिहायशी इलाकों में भी दिखा है. पाम जुमेराह परिसर की एक इमारत पर हमले में चार लोग घायल हुए हैं, जबकि कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया था.














