भारत का UPI इस देश में भी चलेगा, ई-पेमेंट सिस्‍टम पर हुआ MoU, PM मोदी संग मुलाकात, 3 और मुद्दों पर बनी बात 

भारत में 'लोकल QR सिस्टम' का मतलब व्यावहारिक रूप से UPI‑आधारित QR (NPCI) ही है, जैसे भारत ने मलेशिया, कतर, श्रीलंका, फ्रांस जैसे देशों के साथ किया है, जहां भारतीय पर्यटक अपने UPI ऐप से वहां के लोकल QR (DuitNow QR वगैरह) स्कैन कर पाते हैं और पेंमेंट कर पाते हैं.  

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Indian UPI in South Korea: भारत का यूपीआई आने वाले समय में दक्षिण कोरिया में भी काम करेगा

India UPI in South Korea: भारत के UPI की धाक दुनिया में बढ़ती जा रही है. भारतीय UPI पेमेंट सिस्‍टम दुनिया के जिन देशों में काम करता है, उस लिस्‍ट में एक और नाम जुड़ गया है- दक्षिण कोरिया का. भारत और दक्षिण कोरिया ने लोकल QR बेस्‍ड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए एक MoU साइन किया है. यानी भारतीय, अब चाहें दक्षिण कोरिया घूमने जाएं, या वहां पढ़ाई कर रहे हों या फिर नौकरी कर रहे हों, वे UPI के जरिये वहां पेमेंट कर सकेंगे. SBI, HDFC, एक्सिस बैंक समेत किसी भी भारतीय बैंक में उनके खाते हों और उससे UPI लिंक हो तो वे दक्षिण कोरिया में बेफिक्र होकर घूम-फिर सकेंगे, शॉपिंग कर सकेंगे या किसी भी तरह की सर्विस के लिए पेमेंट कर सकेंगे. इसी तरह की सुविधा भारत में दक्षिण कोरिया के लिए भी लागू होगी. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें इस MoU पर साइन हुआ. हालांकि अभी फ्रेमवर्क तय हुआ है. RBI, NPCI और कोरिया की पेमेंट एजेंसीज को टेक्निकल इंटीग्रेशन, रूल्स, रेट‑कन्वर्जन वगैरह फाइनल करने होंगे, उसके बाद आम लोगों के लिए ये सर्विस लागू होगी.

भारत में 'लोकल QR सिस्टम' का मतलब व्यावहारिक रूप से UPI‑आधारित QR (NPCI) ही है, जैसे भारत ने मलेशिया, कतर, श्रीलंका, फ्रांस जैसे देशों के साथ किया है, जहां भारतीय पर्यटक अपने UPI ऐप से वहां के लोकल QR (DuitNow QR वगैरह) स्कैन कर पाते हैं और पेंमेंट कर पाते हैं.  

PM मोदी संग मुलाकात, और किन मुद्दों पर बनी बात?

ये दक्षिण कोरिया के किसी राष्‍ट्रपति का पहला स्‍टेट विजिट है. PM मोदी के साथ इस मुलाकात में कुछ और मुद्दों पर बात बनी है. दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे. 

भारत और कोरिया के बीच सिनेमा, संस्कृति, भाषा और शिक्षा को लेकर ली जे म्युंग ने कहा, 'क्रिएटिव क्षेत्र से संबंधित MoU के तहत हमारी सहमति बनी है कि हम मुंबई-कोरिया सेंटर बनाएंगे. उम्मीद है कि यहां के-पॉप और बॉलीवुड मिलकर एक सांस्कृतिक सहयोग बनाएंगे. भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे.' 

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ली जे म्युंग ने कहा, 'भारत के लोगों और पीएम मोदी, मैं आपकी पहल और मुझे और मेरे डेलीगेशन को दी गई गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के तौर पर 8 साल में पहली बार आपके देश का स्टेट विजिट करके मुझे बहुत खुशी हो रही है.'

उन्‍होंने कहा, 'अनिश्चितता के इस दौर में हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और कोरिया आपसी विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग के लिए सबसे अच्छे पार्टनर हो सकते हैं. हम शिप बिल्डिंग, एआई, वित्त और रक्षा जैसी रणनीतिक उद्योग में सहयोग बढ़ाने और कल्चर और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ावा देने पर भी सहमत हुए हैं.'

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2030 तक 50 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय कारोबार का लक्ष्‍य 

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, 'हमारा मकसद भारत और साउथ कोरिया के बीच अभी के 25 बिलियन डॉलर के सालाना ट्रेड वॉल्यूम को 2030 तक बढ़ाकर लगभग 50 बिलियन डॉलर करना है.' उन्होंने कहा, 'आज, पीएम और मैंने अपने संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर गहरी बातचीत की और वैश्विक और क्षेत्री मामलों पर अपने विचार शेयर किए. दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, भारत वैश्विक दक्षिण में एक नेता के तौर पर उभरा है. 'विकसित भारत 2047' विजन के तहत भारत बहुत अच्छा विकास कर रहा है. रिपब्लिक ऑफ कोरिया भी चिप-बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर और कल्चरल इंडस्ट्रीज में एक लीडर के तौर पर उभरा है.'

म्‍युंग बोले- दोनों देशों के बीच यात्रा होगी आसान

साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट ली जे म्युंग ने कहा, 'भारत और दक्षिण कोरिया ने इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए एक एमओयू साइन किया है, जिससे हमारे दोनों देश के नागरिक एक-दूसरे के देशों में जाने पर लोकल क्यूआर कोड सिस्टम का इस्तेमाल करके पेमेंट कर सकेंगे. यह एक ऐसा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा में और भी आसान हो जाएंगी.'

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मैंने मिडिल ईस्ट में हाल की घटनाओं पर अपने विचार शेयर किए और इस बात पर सहमत हुए कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति वापस लाना वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है.'

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