PNG के साथ इस्तेमाल करते हैं LPG गैस? हो जाएं अलर्ट, आने वाला है सरकारी नोटिस!

LPG Crisis: ईरान युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने जो लॉन्ग टर्म योजना बनाई है उसमें एलपीजी पर देश की निर्भरता कम करना भी एक टारगेट रखा है.

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LPG Crisis: अमेरिका-ईरान टेंशन बरकरार है, जिसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. नतीजन ग्लोबली गैस का संकट दिखाई दे रहा है. भारत की बात करें तो देश में एलपीजी सप्लाई पर बड़ा असर हुआ है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी एलपीजी गैस डिमांड के मुकाबले सिर्फ 70 फीसदी ही सप्लाई हो पा रही है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने आदेश किया था कि जिन ग्राहकों के घरों के आस-पास पीएनजी कनेक्शन आ चुका है, उन्हें तीन महीने के अंदर एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी कनेक्शन लेना जरूरी होगा. 

सरकार लेगी कड़े फैसले?

इस आदेश को जारी हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं लेकिन उसका रिजल्ट अभी देखने को नहीं मिला. खासकर एलपीजी छोड़ने वालों की संख्या सिर्फ 43 हजार तक ही पहुंच पाई है. ऐसे में अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने पर विचार कर रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद जिस रफ्तार से ग्राहक एलपीजी कनेक्शन वापस कर रहे हैं वो उम्मीद के अनुसार नहीं है. 

ग्राहकों के घर भेजे जाएंगे नोटिस

ऐसे में अब पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनियां , जैसे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड उन ग्राहकों के घर लेटर भेजने की तैयारी में है, जिन्होंने हाल ही में पीएनजी कनेक्शन ले लिया है लेकिन अपना एलपीजी कनेक्शन वापस नहीं लिया. लेटर भेजने का मकसद ये याद दिलाना है कि पीएनजी कनेक्शन ले चुके ग्राहक अपना एलपीजी कनेक्शन वापस कर दें. 

तैयार हो रही है लिस्ट

सुजाता शर्मा ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन अपने पास रखा हुआ है, ऐसे लोगों की लिस्ट तैयारी की जा रही है. शर्मा ने ये भी कहा कि ऐसे उपभोक्ताओं को सलाह है कि अपना एलपीजी कनेक्शन वापस कर दें. वहीं, सूत्रों के अनुसार अगर पीएनजी कनेक्शन ले चुके उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन वापस नहीं किया तो सरकार कड़े कदम उठाएगी.

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ईरान युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने जो लॉन्ग टर्म योजना बनाई है उसमें एलपीजी पर देश की निर्भरता कम करना भी एक टारगेट रखा है. ईरान युद्ध शुरू होने से पहले भारत अपनी जरूरत का करीब 65 फीसदी आयात करता था और इसका 90 फीसदी हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर ही आता है. युद्ध के हालात में होर्मुज का रास्ता बंद है, इससे एलपीजी आयात घटकर 46 फीसदी रह गया है, जिससे भारत में एलपीजी को लेकर समस्याएं खड़ी कर दी है. 

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