IDFC FIRST Bank ने हरियाणा सरकार को लौटाए 583 करोड़ रुपए, धोखाधड़ी की जांच के बीच बैंक का बड़ा फैसला

IDFC First Bank case: हरियाणा सरकार के विभागों ने बैंक की इस त्वरित कार्रवाई, पेशेवर रवैये और जिम्मेदारी लेने के रुख की सराहना की है. इस भुगतान के बाद बैंक ने कहा कि  31 दिसंबर 2025 तक बैंक की स्थिति मजबूत बनी हुई है.

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IDFC First Bank Fraud: . जांच पूरी होने तक बैंक ने सभी जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है.
नई दिल्ली:

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी चंडीगढ़ ब्रांच में हुई कथित धोखाधड़ी की जांच के बीच हरियाणा सरकार को  पूरा पैसा वापस कर दिया है. बैंक ने मंगलवार,24 फरवरी  को जारी एक आधिकारिक बयान मेंकहा कि उसने मूलधन और ब्याज सहित कुल 583 करोड़ रुपए का पूरा भुगतान कर दिया है. बैंक ने कहा कि यह कार्रवाई बैंक की ग्राहक विश्वास और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई का वादा 

बैंक के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी पक्षों के साथ मिलीभगत कर जाली दस्तावेजों और भुगतान निर्देशों को क्लियर किया, जिससे हरियाणा सरकार के विभागों को नुकसान हुआ. बैंक ने कहा कि मामले की जांच अभी भी संबंधित अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जा रही है. जांच पूरी होने तक बैंक ने सभी जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है.

583 करोड़ रुपए का पूरा भुगतान

बयान में स्पष्ट किया गया है कि जांच जारी रहने के बावजूद बैंक ने हरियाणा सरकार के दावे के अनुसार मूलधन और ब्याज की पूरी राशि 583 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है. बैंक ने कहा कि अंतिम राशि में किसी अन्य दावे या समझौते के आधार पर बदलाव संभव है, लेकिन फिलहाल सरकार के दावे को पूरी तरह निपटाया गया है.

धोखाधड़ी की जांच और बैंक का क्विक एक्शन

हरियाणा सरकार के विभागों ने बैंक की इस त्वरित कार्रवाई, पेशेवर रवैये और जिम्मेदारी लेने के रुख की सराहना की है. सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि बैंक ने सिद्धांतों के आधार पर काम करते हुए तुरंत भुगतान किया, जो वित्तीय संस्थानों के लिए एक मिसाल है. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने जोर दिया कि वह वित्तीय रूप से मजबूत और अच्छी तरह से पूंजीकृत है.

बैंक की वित्तीय स्थिति है बेहद मजबूत

इस भुगतान के बाद बैंक ने कहा कि  31 दिसंबर 2025 तक बैंक की स्थिति मजबूत बनी हुई है.  आंकड़ों के अनुसार, बैंक का कुल बिजनेस (लोन और डिपॉजिट) 5,62,090 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो साल-दर-साल 22.6 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ दिखाता है. बैंक की विश्वसनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी फिक्स्ड डिपॉजिट को CRISIL ने ट्रिपल 'ए' (AAA) रेटिंग दी है, जबकि अन्य प्रमुख रेटिंग एजेंसियों सीआरआईएसआईएल, आईसीआरए, इंडिया रेटिंग्स और सीएआरई से इसे लॉन्ग-टर्म के लिए डबल 'ए प्लस' (AA+) रेटिंग मिली हुई है.

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