एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स (Emcure Pharmaceuticals) की कार्यकारी निदेशक और 'शार्क टैंक इंडिया' की जज नमिता थापर (Namita Thapar) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनका कोई बिजनेस आइडिया नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स को दिया गया उनका जवाब है. नमाज वाले बयान पर ट्रोल होने के बाद नमिता थापर ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए उन्होंने कहा- चुप रहना कोई गुण नहीं है. उन्होंने खुद को 'प्राउड हिंदू' बताया है. दरअसल, मार्च में नमाज के स्वास्थ्य लाभ पर किए गए एक पोस्ट को लेकर नमिता पिछले कुछ समय से ऑनलाइन ट्रोलिंग का शिकार हो रही थीं, जिस पर अब उन्होंने चुप्पी तोड़ी है.
'सूर्य नमस्कार' पर आपत्ति नहीं, तो 'नमाज' पर क्यों?
नमिता थापर ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी और अपनी मां के खिलाफ की जा रही अभद्र टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने 'सेलेक्टिव आउटरेज' (चुनिंदा आक्रोश) पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्होंने पूर्व में 'सूर्य नमस्कार' के लाभों के बारे में बात की थी, तब किसी ने ऐसी प्रतिक्रिया नहीं दी.
नमिता ने खुद को एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल और एक 'प्राउड हिंदू' बताते हुए कहा, 'मुझे सिखाया गया है कि धर्म का मतलब सम्मान (R for Respect) होता है. क्या महिलाओं के प्रति ऐसा अपमानजनक व्यवहार ही सम्मान है? जब महिलाओं का अनादर किया जाता है, तो सब चुप क्यों हो जाते हैं?'
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नमाज वाले बयान पर विवाद की जड़ क्या थी?
पूरा विवाद मार्च में तब शुरू हुआ था जब नमिता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने नमाज पढ़ने के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों का जिक्र किया था. इसके बाद से ही सोशल मीडिया का एक वर्ग उन्हें निशाना बना रहा था और उनकी धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठा रहा था. अब नमिता के इस आक्रामक रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी बात पर कायम हैं और ट्रोलिंग के आगे झुकने वाली नहीं हैं.
'ट्रोलिंग की आदी हो चुकी हूं पर चुप नहीं रहूंगी'
नमिता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह पिछले कुछ वर्षों से ट्रोलिंग की आदी हो चुकी हैं, लेकिन मानवता और देशभक्ति के नाते गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. उन्होंने ट्रोलर्स को चेतावनी देते हुए कहा, 'आप अपनी मर्जी से ये जारी रख सकते हैं, लेकिन याद रखें कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है. कर्म अपना काम करता है.' उन्होंने एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा कि 'खामोशी कोई गुण नहीं है' (Silence is not a virtue). जब भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो या मर्यादा पार हो, लोगों को अपने लिए और सच्चाई के लिए बोलना चाहिए.
एमक्योर फार्मा के शेयरों में गिरावट
नमिता थापर के इस विवाद से इतर उनकी कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स की बात करें तो कंपनी के शेयरों में भी सोमवार को हलचल देखने को मिली. सोमवार को इंट्रा-डे कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 3.12 प्रतिशत तक गिरकर 1,618 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए. हालांकि, बाद में इसमें मामूली सुधार हुआ और यह 2.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,628 रुपये पर बंद हुआ.
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