एसयूवी लेने का प्लान है? चाहते हैं कि एक शानदार गाड़ी घर लेकर आएं? तो ये आंकड़े कुछ हद तक आपकी मदद कर सकते हैं. देश में इस समय दो कंपनियों की एसयूवी धूम मचा रही हैं. पहली कंपनी हुंडई और दूसरी है किया. इन दोनों ने साल 2026 के पहले 5 महीनों में एसयूवी के मामले में कमाल की सेल की है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के आंकड़ों के अनुसार हुंडई ने 10.1% तो किया इंडिया ने 14.6% की ग्रोथ हासिल की है. खबर में जानिए किस कंपनी की एसयूवी ने नंबर 1 ताज हासिल करने में सफलता पाई है.
क्रेटा, वेन्यू, सेल्टोस की बंपर डिमांड
ग्रोथ हासिल करने में हुंडई की क्रेटा और वेन्यू ने सभी को पीछे छोड़ दिया. कंपनी की सेल में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी इन दोनों गाड़ियों की रही है. वहीं किया इंडिया के लिए सेल्टोस, सोनेट के लिए जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है. किया की सेल्टोस और सोनेट की टोटल सेल में हिस्सा 76.3% से ज्यादा का रहा है. आंकड़ों के अनुसार हुंडई ने जनवरी से मई के बीच टोटल 2,66,317 गाड़िया बेचीं, जो पिछले साल से 10.1% ज्यादा है. इन दोनों कंपनियों की सेल को मिलाकार हुंडई मोटर ग्रुप ने जनवरी से मई 2026 तक 4,05,514 गाड़ियां बेच दी हैं, जो पिछले साल से 11.6% ज्यादा है.
मार्केट शेयर की बदली कहानी
हुंडई की इस धमाकेदार सेल के बाद देश के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में मुकाबला कड़ा हो गया है. हुंडई अभी के समय मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा के बार चौथे नंबर है. वहीं किया इंडिया मार्केट शेयर की रेस में टोयोटा के बाद छठे नंबर है. एसयूवी की बढ़ती डिमांड और हुंडई के लिए ग्राहकों की बढ़ती रुचि के जरिए इस लिस्ट में एक बड़ा बदलाव आने वाले समय में देखने को मिल सकता है.
देश की नंबर 1 एसयूवी कौन?
भारत में इस समय नंबर 1 एसयूवी हुंडई की क्रेटा है. शानदार डिजाइन, फीचर्स, माइलेज और परफॉर्मेंस की वजह से ग्राहकों के दिल में इसने जगह बनाए हुई है. इसके अलावा इसकी कीमत भी मिडिल क्लास से लेकर अपर क्लास के लिए बनाई गई हैं. शुरुआत 10.91 रुपये एक्स शोरूम से होकर 20.20 लाख रुपये एक्स शोरूम तक जाती है. सेल की बात करें तो मई 2026 में इसकी टोटल 15,235 यूनिट्स सेल हुईं. सालाना आधार पर इसमें 3% की ग्रोथ हुई है.
हुंडई, किया की कारें हुईं महंगी
बढ़ती सेल के बीच हुंडई और किया इंडिया ने अपने ग्राहकों को एक झटका जरूर दे दिया है. हुंडई ने जहां 1 जून 2026 अपनी कारों की कीमतों को करीब 13 हजार रुपये तक बढ़ा दिया है. वहीं, किया इंडिया ने कुछ दिन पहले ऐलान किया कि 1 जुलाई से उसके हर सेगमेंट की गाड़ियों के दाम 2% तक बढ़ जाएंगे. कंपनियों ने इसके पीछे की वजह लागत, कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और ऑपरेशनल खर्चों में इजाफे को बताया है. हालांकि कंपनियों ने कहा है कि हर मॉडल के हिसाब से अलग-अलग कीमतें तय होंगी.