PF पॉर्टल पर जॉइनिंग या एग्जिट डेट हो गई गलत? नहीं निकाल पाएंगे पैसा! तुरंत ऐसे सुधारें

EPFO Date of Exit Correction: EPFO ने पीएफ अकाउंट होल्डर्स को अलर्ट करते हुए कहा है कि खाते में जॉइनिंग और एग्जिट डेट गलत होने पर पेंशन और फंड निकालने में समस्या आ सकती है. जानिए कैसे आप घर बैठे ऑनलाइन अपनी डिटेल्स सुधार सकते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

EPFO Date of Exit Correction: नई नौकरी जल्द शुरू करने के चक्कर में अक्सर हम लोग अपने पिछले ईपीएफ (EPF) बैलेंस को ट्रांसफर करना या उसकी जानकारी अपडेट करना भूल ही जाते हैं. फिर इसका नतीजा ये होता है कि जरूरत पड़ने पर पीएफ का पैसा हम नहीं निकाल पाते. ऐसी गलती ना हो उसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आपके पीएफ अकाउंट में जॉइनिंग डेट और एग्जिट डेट की सही डिटेल होना जरूरी है. एक छोटी सी गलती भविष्य के पेंशन और पीएफ फायदों में बड़ी बाधा बन सकती है. चलिए जानिए इसे कैसे घर बैठे आसानी से सुधार सकते हैं.

अपडेट ना होने के नुकसान

सुधार से पहले ये जानें कि अगर पीएफ अकाउंट में नौकरी छोड़ने या शुरू करने की तारीख गलत है, तो अकाउंट इनएक्टिव मान लिया जाएगा. ऐसे मामलों में खाते पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है और क्लेम सेटलमेंट रिजेक्ट भी हो सकता है. ईपीएफओ ने सोशल मीडिया पर बताया है कि अपनी डिटेल्स आज ही चेक करें और अगर गलती है तो इसके लिए दो कंडीशन है.

1 अक्टूबर 2017 के बाद वाले अकाउंट्स

जिन मेंबर का यूएएन (UAN) 1 अक्टूबर 2017 के बाद जनरेट हुआ है और आधार से लिंक है, वो अपना नाम, जन्म तिथि, लिंग और जॉइनिंग/एग्जिट डेट जानकारी सीधे ईपीएफओ पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं. इसके लिए अब किसी डॉक्यूमेंट को अपलोड करने की जरूरत नहीं है और ना ही शुरुआत में ईपीएफओ की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है.

ये भी पढ़ें- ड्रैगन की 'मनी पावर': 20 साल में दुनिया भर में बरसाए 1.5 ट्रिलियन डॉलर

1 अक्टूबर 2017 के पहले वाले खातों के लिए नियम

वहीं, अगर आपका यूएएन 1 अक्टूबर 2017 से पहले का है, तो करेक्शन की मंजूरी के लिए ऑनलाइन एंप्लॉयर के पास जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही इसे ईपीएफओ अपडेट करेगा. इसके अलावा, अगर जॉइनिंग या एग्जिट डेट आपके कंट्रिब्यूशन से मेल नहीं खाती है, तो इसे ईपीएफओ ऑफिसर की जांच के बाद ही ठीक किया जा सकेगा. इसके लिए आपको ईपीएफओ ऑफिस जाना पड़ सकता है.

Advertisement

जॉइंट डिक्लेरेशन

मान लीजिए यूएएन आधार से लिंक नहीं है या मेंबर की मृत्यु हो चुकी है तो सुधार के लिए फिजिकल जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा. ये फॉर्म भरकर एंप्लॉयर को देना होता है, जो इसे अपने पोर्टल के जरिए अपलोड करता है. इसके बाद ईपीएफ ऑफिसर डॉक्यूमेंट्स को चेक कर सुधार की प्रक्रिया पूरी करते हैं.

ये भी पढ़ें- अरे वाह! ये बैंक दे रहे 3 साल की FD पर 8% से ज्यादा ब्याज, सरकारी और प्राइवेट में कौन है बेहतर?

Advertisement
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Sangeet Som Exclusive: Shahrukh 'गद्दार', IPL का किस्सा छेड़ बैठे संगीत सोम!