मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते युद्ध ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है. दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनी और एनवीडिया (Nvidia) की प्रमुख एआई सर्वर पार्टनर, फॉक्सकॉन (Foxconn) के चेयरमैन यंग लियू ने चेतावनी दी है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचा, तो तेल और कच्चे माल की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी का असर हर कंपनी और आम आदमी को महसूस होगा.
कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार जाने का डर
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताइपे में पत्रकारों से बात करते हुए यंग लियू ने कहा कि मिडिल ईस्ट वैश्विक तेल उत्पादन का केंद्र है. उन्होंने आशंका जताई कि युद्ध लंबा चलने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं. लियू के अनुसार, 'यह एक ऐसा युद्ध है जिसे कोई नहीं देखना चाहता. हमें उम्मीद है कि यह जल्द से जल्द खत्म होगा.'
सप्लाई चेन और महंगाई का खतरा
ईरान द्वारा अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में मिसाइलें दागने के बाद से वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां तनाव बढ़ने से सप्लाई चेन ठप होने का डर है.
- तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से कंपनियों की उत्पादन लागत (Costs) बढ़ गई है.
- निवेशकों को डर है कि कच्चे माल की कमी और महंगी ऊर्जा दुनिया भर में महंगाई का नया दौर शुरू कर सकती है.
फॉक्सकॉन और टेक सेक्टर पर प्रभाव
यंग लियू ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी कंपनी पर प्रभाव सीमित है और उन्हें उम्मीद है कि 2026 फॉक्सकॉन के लिए एक बेहतरीन साल साबित होगा. कंपनी एआई (AI) उत्पादों की भारी मांग के कारण रिकॉर्ड राजस्व दर्ज कर रही है. हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसे अमेरिकी टेक दिग्गजों के लिए चिंता बढ़ गई है, जो यूएई (UAE) को एआई कंप्यूटिंग के क्षेत्रीय हब के रूप में देख रहे थे. फॉक्सकॉन 16 मार्च को अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी करेगी, जिसमें मौजूदा संकट को देखते हुए भविष्य के अनुमानों (Outlook) पर अपडेट दिया जाएगा.
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