भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर बड़ा फैसला किया है. सरकार ने तेल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया है. इसके तहत डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर टैक्स घटाया गया है, जबकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में इजाफा किया गया है. हालांकि घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी इसका आप लोगों की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
कितनी घटी बढ़ी कीमतें?
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नॉटिफिकेशन के अनुसार, डीजल के एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 14 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं, एटीएफ पर यह 12.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
इसके विपरीत, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 1.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. यह संशोधित दरें एक जुलाई से लागू होंगी.
मिडिल ईस्ट संकट के बाद सरकार ने लगाया स्पेशल टैक्स
सरकार ने मार्च में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर यह स्पेशल ड्यूटी लगाई थी और तब से हर 15 दिनों में इसकी समीक्षा की जा रही है. शुरुआत में डीजल और एटीएफ पर टैक्स लगाया गया था, जबकि मई में पेट्रोल पर भी यह लागू किया गया.
मंत्रालय ने यह भी बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले निर्यात पर पहले दी गई छूट को अब मॉरीशस और मालदीव तक बढ़ा दिया गया है.
सरकार का कहना है कि यह टैक्स घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान एक्सपोर्ट से अनुचित लाभ कमाने से रोकने के लिए लगाया गया है.