- DGCA ने IndiGo एयरलाइन पर नियम उल्लंघन और सिस्टम खामियों के कारण कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है
- एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी, जो सुधार के बाद चरणबद्ध तरीके से रिलीज होगी
- दिसंबर 2025 में 2,507 उड़ानें रद्द और 1,852 उड़ानें देरी से चलीं, जिससे 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए थे
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo पर एविएशन रेगुलेटर DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है. DGCA ने लगातार नियमों के उल्लंघन और 'सिस्टम में गंभीर खामियों' को लेकर इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. साथ ही, एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश भी दिया गया है, जो ISRAS यानी इंडिगो सिस्टमेटिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (IndiGo Systemic Reform Assurance Scheme) के तहत चरणबद्ध तरीके से रिलीज होगी. पैसे तभी वापस होंगे, जब DGCA मान लेगा कि एयरलाइन ने जरूरी सुधार कर लिए हैं.
30 लाख/दिन: जुर्माने का पूरा गणित समझिए
DGCA के मुताबिक IndiGo पर अलग-अलग नियम उल्लंघन के 6 मामलों में 30-30 लाख यानी कुल 1.80 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है.
इसके अलावा 68 दिनों तक लगातार नियमों का पालन न करने के चलते 30 लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 20.40 करोड़ का जुर्माना जोड़ा गया है.
इस तरह कुल जुर्माना 22.20 करोड़ रुपये हुआ. इंडिगो एयरलाइन के लिए ये एक बड़ा झटका है.
'सुधार होंगे, तभी पैसा रिलीज होगा'
DGCA ने साफ कहा है कि IndiGo को नियम पालन और सिस्टम सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देनी होगी. ISRAS के तहत सुधार पूरे होने पर यह राशि चरणबद्ध तरीके से रिलीज होगी. चार बड़े सुधार क्षेत्र तय किए गए हैं
- लीडरशिप और गवर्नेंस: 3 महीने में सुधार पर 10 करोड़ रुपये
- मैनपावर प्लानिंग/रोस्टर/थकान प्रबंधन: 6 महीने निगरानी पर 15 करोड़ रुपये
- डिजिटल सिस्टम और ऑपरेशनल मजबूती: 9 महीने में अपग्रेड पर 15 करोड़ रुपये
- बोर्ड स्तर निगरानी: 9-15 महीने नियम पालन पर 10 करोड़ रुपये
हर चरण की स्वतंत्र जांच होगी और DGCA द्वारा अलग से सर्टिफिकेशन के बाद ही राशि रिलीज होगी. DGCA और MoCA दोनों मिलकर निगरानी करेंगे.
जांच रिपोर्ट में क्या-क्या गड़बड़ी मिली?
DGCA की सामने आई जांच रिपोर्ट के मुताबिक IndiGo ने फ्लाइट ऑपरेशन का जरूरत से ज्यादा “ऑप्टिमाइजेशन” किया, लेकिन क्रू और विमानों के लिए पर्याप्त बैकअप नहीं रखा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमावली को सही तरीके से लागू नहीं किया गया. इसके अलावा और भी खामियां पाई गईं.
- सॉफ्टवेयर और मैनेजमेंट में गंभीर खामियां
- क्रू पर अत्यधिक दबाव, ड्यूटी घंटों को मैक्सिमाइज करने की कोशिश
- डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, लंबी ड्यूटी जैसी प्रैक्टिस
- आराम और रिकवरी का समय बहुत कम
DGCA ने इस मामले में CEO को चेतावनी, COO को वार्निंग और SVP (OCC) को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश भी दिए हैं. फ्लाइट ऑपरेशन और क्रू प्लानिंग से जुड़े अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है.
दिसंबर 2025 में क्या हुआ था?
असल में यह मामला 3-5 दिसंबर 2025 के उस बड़े ऑपरेशनल संकट से जुड़ा है, जब IndiGo की 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानें देरी से चलीं. इस घटना से 3 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए थे. इसके बाद MoCA (नागर विमानन मंत्रालय) के निर्देश पर DGCA ने 4 सदस्यीय जांच समिति बनाई थी, जिसकी रिपोर्ट अब सामने आई है.
यात्रियों को इंडिगो ने दिया था मुआवजा
DGCA ने यह भी माना कि IndiGo ने कम समय में ऑपरेशन सामान्य कर लिया और यात्रियों को राहत दी गई. जिन उड़ानों में 3 घंटे से ज्यादा देरी या कैंसिलेशन हुआ, उन्हें ₹10,000 का “Gesture of Care” वाउचर दिया गया (12 महीने वैध). साथ ही समय पर रिफंड और CAR के तहत मुआवजा भी दिया गया.
IndiGo ने क्या कहा?
इंडिगो एयरलाइन का संचालन करने वाली कंपनी InterGlobe Aviation Limited के चेयरमैन और बोर्ड ने कहा है कि DGCA के आदेश उन्हें मिल चुके हैं और वे उन्हें गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और जिम्मेदार तरीके से जरूरी कदम उठाएंगे. कंपनी का दावा है कि वह अपने सिस्टम-प्रोसेस की मजबूती की गहराई से समीक्षा कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए. IndiGo ने दोहराया है कि वह 2030 तक भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने में अपनी भूमिका निभाएगी.














