भारतीयों की सोने और चांदी के प्रति दीवानगी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी महीने के दौरान सोने का आयात 349.22 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 12 अरब डॉलर (USD 12 Billion) पर पहुंच गया है. सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की चमक भी तेज हुई है और इसका आयात भी 127 प्रतिशत उछलकर 2 अरब डॉलर के पार निकल गया है. यह डेटा बताता है कि बाजार में कीमती धातुओं की मांग कितनी जबरदस्त बनी हुई है.
इस भारी डिमांड की वजह से देश का व्यापार घाटा भी बढ़ा है क्योंकि जनवरी में करीब 12 अरब डॉलर का सोना और 2 अरब डॉलर की चांदी भारत मंगाई गई है. यह आंकड़े बताते हैं कि शादियों और निवेश के लिए भारतीयों में कीमती धातुओं का क्रेज कम नहीं हो रहा है.
स्विट्जरलैंड से सोना मंगाने के टूटे सारे पुराने रिकॉर्ड
जब बात सोना मंगाने की आती है, तो भारत सबसे ज्यादा भरोसा स्विट्जरलैंड पर करता है. भारत अपनी सोने की जरूरत को पूरा करने के लिए सबसे ज्यादा निर्भर स्विट्जरलैंड पर रहता है.ताजा आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है क्योंकि इस साल जनवरी में स्विट्जरलैंड से सोना मंगाने के मामले में 836 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है. एक्सपर्ट का मानना है कि शादियों के सीजन और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग की वजह से विदेशों से इतनी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी मंगाया जा रहा है.
इन देशों से भारत मंगा रहा है अरबों डॉलर का सोना
भारत मुख्य रूप से अपनी जरूरतों के लिए पांच बड़े देशों पर निर्भर है, जिनमें स्विट्जरलैंड, यूएई (UAE), दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और पेरू शामिल हैं. स्विट्जरलैंड से इस बार करीब 4 अरब डॉलर का सोना भारत आया है, जो पिछले सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा है.
कीमतें कम करने के लिए अब अमेरिका से सोना खरीदेगा भारत
आने वाले दिनों में ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर मिल सकती है. भारत सरकार अब अपनी रणनीति बदल रही है और यूएई जैसे देशों के बजाय अमेरिका से अधिक सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रही है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका दुनिया में सोने-चांदी के व्यापार का एक बड़ा केंद्र है. वहां से कच्चा और रिफाइंड सोना मंगाने से न केवल सप्लाई चेन बेहतर होगी, बल्कि इससे घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कम होने की भी उम्मीद है.
सोना और चांदी की कीमतें घटने की उम्मीद
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत का सीधा फायदा आम आदमी को मिल सकता है. अमेरिका ने पहले ही भारतीय सामानों पर लगने वाले कुछ टैक्स हटा दिए हैं और जल्द ही एक नया समझौता फाइनल होने वाला है. इस समझौते के बाद जब अमेरिका से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी भारत आएगा, तो बाजार में इनकी उपलब्धता बढ़ जाएगी. जब सप्लाई बढ़ती है और बाजार में भाव अपने आप गिरने लगते हैं. इससे शादी-ब्याह के सीजन में ज्वेलरी खरीदना आपके लिए सस्ता हो सकता है.
एक तरफ जहां हम सोना मंगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत से विदेशों में सामान बेचने यानी एक्सपोर्ट में भी हल्की बढ़त देखी गई है. सरकार को भरोसा है कि साल 2025-26 के अंत तक भारत का कुल एक्सपोर्ट 860 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा.














