Elon Musk vs OpenAI: दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क और ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के बीच की जंग अब आर-पार के मोड़ पर पहुंच गई है. कभी एक साथ मिलकर AI की दुनिया बदलने का सपना देखने वाले एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन अब कोर्ट में आमने-सामने हैं. मस्क ने न केवल OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट पर $134 अरब यानी करीब 11 लाख करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किया है, बल्कि वे CEO सैम ऑल्टमैन को पद से हटवाने के लिए कोर्ट पहुंच गए हैं.
आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोस्ती दुश्मनी में बदल गई? आइए समझते हैं इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई की पूरी कहानी...
सैम ऑल्टमैन को हटाने की जिद, क्या है मस्क की दलील?
एलन मस्क ने मंगलवार को कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल की है. उनका कहना है कि OpenAI को एक 'नॉन-प्रॉफिट' यानी NGO जैसी संस्था के रूप में शुरू किया गया था, जिसका मकसद मानवता की सेवा करना था. मस्क का आरोप है कि CEO सैम ऑल्टमैन और प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने इस मिशन को धोखे से बदल दिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर इसे अपने लिए मुनाफे वाली मशीन बना दिया. मस्क चाहते हैं कि कोर्ट इन दोनों को कंपनी से बाहर करे और OpenAI को दोबारा उसके असली रूप में बहाल करे.
$134 अरब के भारी-भरकम हर्जाने की मांग
मस्क के वकीलों का कहना है कि जब 2015 में OpenAI बनी थी, तब मस्क ने इसमें $38 लाख की शुरुआती फंडिंग दी थी. आज इस कंपनी की वैल्यू $500 अरब के करीब पहुंच चुकी है. मस्क का तर्क है कि जैसे किसी स्टार्टअप का शुरुआती निवेशक मुनाफे का हकदार होता है, वैसे ही OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट ने जो गलत फायदा कमाया है, उसका हिस्सा उन्हें मिलना चाहिए. उन्होंने $79 अरब से लेकर $134 अरब तक के हर्जाने की मांग की है.
मस्क और ऑल्टमैन ने कैसे शुरू किया था OpenAI? क्यों हुए अलग
कहानी साल 2015 से शुरू होती है, जब एलन मस्क, सैम ऑल्टमैन और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर OpenAI की नींव रखी थी. तब मस्क का डर था कि गूगल जैसी कंपनियां AI पर कब्जा कर लेंगी, इसलिए उन्होंने इसे एक ओपन-सोर्स और NGO जैसा रखने का वादा किया था. 2018 में एलन मस्क ने ओपनएआई के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद OpenAI ने माइक्रोसॉफ्ट से अरबों डॉलर का निवेश लिया और धीरे-धीरे प्रॉफिट मॉडल पर शिफ्ट हो गई.
यही बात मस्क को चुभ गई और उन्होंने साल 2023 में अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी शुरू की. इसके साथ ही उन्होंने 2024 में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की.
OpenAI का पलटवार, मस्क पर 'जलन और ईगो की लड़ाई' में कूदने का आरोप
OpenAI और सैम ऑल्टमैन ने मस्क के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. कंपनी ने इसे एक हैरसमेंट कैंपेन बताया है. OpenAI का कहना है कि मस्क सिर्फ ईगो और जलन की वजह से ऐसा कर रहे हैं क्योंकि उनकी अपनी AI कंपनी (xAI) पिछड़ रही है. सैम ऑल्टमैन के मुताबिक, मस्क का मकसद सिर्फ एक कॉम्पिटिटिव कंपनी की रफ्तार को कम करना है. कंपनी ने यहां तक खुलासा किया कि मस्क ने पहले खुद OpenAI को खरीदने की कोशिश की थी, जो नाकाम रही.
अगर मस्क जीत गए तो क्या होगा ?
एलन मस्क ने कहा है कि अगर उन्हें कोर्ट से कोई भी हर्जाना मिलता है, तो वे उस पैसे को OpenAI की चैरिटेबल संस्था (Charity) को दे देंगे. उनका टारगेट एक पब्लिक चैरिटी को किसी के अपने स्वार्थों में बदलने से से रोकना है. फिलहाल, कैलिफोर्निया की अदालत में इस मामले का ट्रायल शुरू होने वाला है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.
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