दुबई में घर खरीदना हुआ सस्ता! पहली बार 5.9% तक गिरे प्रॉपर्टी के दाम, मिडिल ईस्ट तनाव ने बिगाड़ा खेल

Dubai Property Prices Fall: कोरोना महामारी के बाद से दुबई में प्रॉपर्टी की कीमतें 70% से ज्यादा बढ़ चुकी थीं, लेकिन पिछले 4 साल की अंधाधुंध तेजी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Dubai Real Estate Market Crash: दुबई प्रॉपर्टी मार्केट में पहली बार 5.9% की गिरावट आई है.
नई दिल्ली:

Dubai House Prices Fall: दुबई के रियल एस्टेट मार्केट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. कोरोना महामारी के बाद से जिस प्रॉपर्टी मार्केट में आग लगी हुई थी, वहां पहली बार कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने निवेशकों के भरोसे को थोड़ा हिला दिया है, जिससे अब दुबई की ऊंची इमारतों के दाम नीचे आने लगे हैं.अगर आप दुबई में घर खरीदने का सोच रहे थे, तो यह गिरावट आपके लिए एक शानदार मौका हो सकती है. 

कोरोना महामारी के बाद पहली बार कीमतों में आई गिरावट

दुबई के प्रॉपर्टी मार्केट में 2020 के बाद से पहली बार कीमतों में कमी देखी गई है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी 'वेलुस्ट्रैट' (ValuStrat) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के महीने में रेसिडेंशियल प्राइस इंडेक्स (Residential Price Index) में 5.9% की गिरावट दर्ज की गई है. यह उन लोगों के लिए चौंकाने वाला है जो पिछले चार साल से यहां केवल रिकॉर्ड तोड़ बढ़त देख रहे थे.

मिडिल ईस्ट तनाव का रियल एस्टेट मार्केट पर सीधा असर

रियल एस्टेट मार्केट में इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का तनाव (Middle East Conflict) है. खासकर ईरान से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण इंटरनेशनल बायर्स ने फिलहाल अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं. लोग पैसा लगाने के बजाय वेट एंड वॉच की पॉलिसी अपना रहे हैं, जिससे मार्केट की रफ्तार धीमी हो गई है.

पुराने घरों की बिक्री में 30% की भारी कमी

Anadolu Agency के डेटा के अनुसार, पिछले एक महीने में सेकेंडरी मार्केट यानी पुराने घरों की बिक्री के ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में लगभग 30% की गिरावट आई है. पिछले कुछ सालों में जो खरीदारी को लेकर दीवानगी दिख रही थी, वह अब काफी ठंडी पड़ गई है. लग्जरी इलाकों में तो खरीदारों की पूछताछ में बहुत ज्यादा कमी आई है.

Advertisement

दुबई के प्रॉपर्टी मार्केट में क्रैश या हेल्दी करेक्शन? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

हालांकि कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे बाजार की तबाही नहीं मान रहे हैं. उनका कहना है कि महामारी के बाद से दुबई में कीमतें 70% से ज्यादा बढ़ चुकी थीं, जो इतिहास में सबसे महंगे दौर में से एक था. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्केट अब बस सांस ले रहा है और यह एक जरूरी करेक्शन है. अब निवेश के फैसले सिर्फ हाइप पर नहीं, बल्कि वैल्यू को देखकर लिए जा रहे हैं.

डेवलपर्स का नया दांव, फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान

मार्केट को फिर से पटरी पर लाने के लिए दुबई के बड़े डेवलपर्स ने अपनी स्ट्रैटजी बदल दी है. अब वे फिर से पुराने दिनों की तरह फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान (Flexible Payment Plans) और रेंट-टू-ओन (Rent-to-own) जैसी स्कीम्स वापस ला रहे हैं. राहत की बात यह है कि 'ऑफ-प्लान' सेक्टर यानी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स अभी भी स्थिर बना हुआ है. दुबई का स्काईलाइन अभी भी बढ़ रहा है, लेकिन पिछले 4 साल की अंधाधुंध तेजी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है.

Advertisement

ये भी पढ़ें-  Meta Layoffs 2026: मेटा में फिर बड़ी छंटनी की तैयारी! AI की वजह से जाएगी 8,000 कर्मचारियों की नौकरी?

Featured Video Of The Day
खामने खड़ी थी चीनी सेना, मोदी सरकार से क्या आदेश आया? नरवणे ने पहली बार सब कुछ बताया