DA Hike before 8th Pay Commission: देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन लागू होने का इंतजार है. इस बीच पूर्वोत्तर भारत के एक राज्य में BJP सरकार ने 9 लाख सरकारी कर्मियों और पेंशनर्स का DA-DR बढ़ा दिया है. ये राज्य है- असम. असम में हिमंत बिस्वा सरमा कैबिनेट ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. बीते दिनों हुए चुनाव में हिमंता सरकार की वापसी के बाद ये बड़ा फैसला है. असम कैबिनेट ने शुक्रवार को राज्य सरकार के कर्मियों के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, वहीं राज्य सरकार के पेशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR Hike) भी 2% बढ़ा दिया है. इसका असर राज्यकर्मियों की सैलरी ओर पेंशनर्स के पेंशन पर पड़ेगा.
बढ़कर कितना हो गया DA-DR?
असम में सरकारी कर्मचारियों को उनके बेसिक पे यानी मूल वेतन का 58% महंगाई भत्ते के तौर पर मिलता था. कैबिनेट का फैसला लागू होने के बाद कर्मचारियों को अब 60% DA मिलेगा यानी उनकी सैलरी में मूल वेतन का 2 फीसदी जोड़कर मिलेगा.
इसी तरह असम में पेंशनर्स को पहले मूल पेंशन का 58% महंगाई राहत के तौर पर मिला करता था, जो कि अब 2% बढ़ा दिया गया है. यानी उन्हें अब मूल पेंशन का 60% महंगाई राहत के तौर पर मिलेगा.
9 लाख से ज्यादा कर्मी-पेंशनर्स की बढ़कर आएगी सैलरी
असम के राज्यकर्मियों और सेवा से रिटायर हो चुके पेंशनर्स के लिए DA-DR में की गई बढ़ोतरी से मिलने वाली सैलरी और पेंशन थोड़ी बढ़कर मिलेगी. इससे बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें थोड़ी राहत मिल सकती है. कैलकुलेशन के अनुसार, अगर किसी की सैलरी 90,000 रुपये है और इसमें 50,000 रुपये मूल वेतन है, तो उसे अब DA के तौर पर (50,000 का 2%) यानी एक हजार रुपये बढ़ कर मिलेगा. यानी उसे कुल वेतन 90,000 की जगह 91,000 रुपये मिलेंगे. इसी तरह का फायदा पेंशनर्स को भी मिलेगा. अगर किसी पेंशनर्स की मूल पेंशन 30,000 रुपये है तो उसे 600 रुपये बढ़कर मिलेंगे.
आठवें वेतन आयोग पर क्या है अपडेट?
देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए फिलहाल अपडेट यही है कि 8वें वेतन आयोग में सैलरी-पेंशन समेत तमाम मुद्दों पर सुझाव देने के लिए मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ा दी गई है. मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख को 31 मई से बढ़ाकर अब 15 जून 2026 कर दिया गया है, जो कि संगठनों के लिए आखिरी मौका होगा. सभी मेमोरेंडम केवल आधिकारिक वेबसाइट (8cpc.gov.in) के जरिए ही ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. ईमेल या पीडीएफ के रूप में भेजे गए आवेदन अमान्य होंगे.
वहीं दूसरी ओर आयोग, विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से सीधे संवाद करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहा है. इसी कड़ी में आयोग का जून-जुलाई का शेड्यूल भी तय हो चुका है, जिसके तहत वह 1 से 4 जून तक श्रीनगर में हुई मीटिंग के बाद अब, 8 जून को लद्दाख, 22-23 जून को लखनऊ और 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर में बैठकें आयोजित कर रहा है. आयोग 9 और 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में भी एक बड़ी बैठक करने जा रहा है, जिसमें शॉर्टलिस्ट किए गए संगठनों को अपनी मांगें और सुझाव रखने का मौका मिलेगा. शामिल होने के लिए संगठनों को पहले से अपॉइंटमेंट लेना होगा और ऑनलाइन आवेदन के बाद मिली 'यूनिक मेमो आईडी' दिखाना अनिवार्य होगा, जिसके बिना एंट्री नहीं मिलेगी. प्रक्रिया को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए आयोग ने नियमों को सख्त कर दिया है.
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