- बजट 2026 को परंपरा के अनुसार 1 फरवरी को पेश किया जाएगा, रविवार होने के बावजूद तारीख नहीं बदलेगी
- बजट से पहले राष्ट्रपति का अभिभाषण और इकोनॉमिक सर्वे जनवरी के अंत में प्रस्तुत किए जाएंगे
- साल 2017 के बाद से बजट 1 फरवरी को पेश होता है ताकि वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पहले मंजूरी मिल सके
Budget 2026: बजट 2026 को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर ब्रेक लग गए हैं. आमतौर पर यह चर्चा थी कि रविवार होने की वजह से बजट की तारीख बदली जा सकती है, लेकिन परंपरा के मुताबिक बजट 1 फरवरी को ही आएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट के जरिए मोदी सरकार 3.0 का नया रोडमैप पेश करेंगी.
क्या रविवार को खुलेगा बाजार?
शेयर बाजार के शौकीनों के लिए सबसे बड़ी खबर यही है. नियम के अनुसार रविवार को बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट के दिन शेयर बाजार खुले रहने की संभावना है. खबर है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) रविवार को इक्विटी मार्केट खोलने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है. अगर सरकार आधिकारिक तौर पर 1 फरवरी की घोषणा करती है, तो एक्सचेंजेस विशेष ट्रेडिंग सेशन आयोजित कर सकते हैं.
निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज होगा नया रिकॉर्ड
इस बजट के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगी. यह उनका 9वां बजट होगा. इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच जाएंगी.
बजट से पहले का पूरा शेड्यूल (संभावित)
- 28 जनवरी: राष्ट्रपति का अभिभाषण
- 29 जनवरी: इकोनॉमिक सर्वे पेश होगा
- 1 फरवरी (रविवार): केंद्रीय बजट 2026 पेश होगा
हर साल 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है आम बजट?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर हर साल 1 फरवरी को ही बजट क्यों आता है? आपको बता दें कि साल 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी दिनों में पेश किया जाता था. लेकिन सरकार ने यह नियम बदला ताकि 1 अप्रैल से नया साल शुरू होने से पहले बजट की पूरी प्रक्रिया और खर्चों को संसद से मंजूरी मिल सके. तभी से 1 फरवरी को 'बजट डे' के रूप में फिक्स कर दिया गया है.
तो आप भी अपनी तैयारी पूरी कर लीजिए. 1 फरवरी को न केवल देश का आर्थिक भविष्य तय होगा, बल्कि दलाल स्ट्रीट पर भी जबरदस्त गहमागहमी रहेगी. वित्त मंत्री के पिटारे से क्या निकलता है यह देखना दिलचस्प होगा.














