New vs Old Tax Regime: बजट से पहले जान लीजिए मौजूदा टैक्‍स स्‍लैब, नया या पुराना किस रिजीम में कितना टैक्‍स?

New vs Old Tax Regime: पुराना टैक्स रिजीम डिडक्शन और निवेश विकल्पों के साथ आता है, जबकि नया टैक्स रिजीम सरल स्लैब दरों पर आधारित है, लेकिन कटौतियां सीमित हैं.

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केंद्रीय बजट में टैक्‍सपेयर्स को टैक्‍स के मोर्चे पर राहत की उम्‍मीद रहती है. अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब्स में कोई बड़ा फेरबदल नहीं करती हैं, तो आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग मौजूदा नियमों पर ही टिकेगी. फिलहाल नया टैक्स रिजीम डिफॉल्ट के तौर पर लागू है, लेकिन पुराना रिजीम चुनने की सुविधा अब भी दी गई है. चाहे आप नौकरीपेशा हों या व्यवसायी, दोनों ही स्थिति में ये अहम है कि आप दोनों टैक्स रिजीम की तुलना करके देखें कि आपके लिए कौन-सा ज्‍यादा फायदे का सौदा है. यहां हम मौजूदा स्लैब दरों, टैक्स कटौती (डिडक्शन), 80C के लाभ और निवेश के विकल्‍पों पर जानकारी दे रहे हैं.  

यहां ये ध्‍यान में रखना जरूरी है कि ये प्रावधान वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) पर लागू हैं और जब तक बजट में कोई बड़ा संशोधन नहीं होता, यही नियम लागू रहेंगे. 

सबसे पहले ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम को समझ लेते हैं

पुराने टैक्‍स स्‍लैब की बात करें तो 2,50,000 रुपये तक की सालाना आय को पूरी तरह टैक्‍स-फ्री रखा गया है, यानी इस सीमा तक कोई टैक्स (Nil) नहीं देना होगा. इसके बाद, 2,50,001 रुपये से लेकर 7,00,000 रुपये तक की कमाई पर 5 प्रतिशत की दर से टैक्स लागू होगा. वहीं, जिनकी आय 7,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये के बीच है, उन्हें 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा. मध्यम आय वर्ग के लिए 10,00,001 रुपये से 12,00,000 रुपये तक की स्लैब पर 15 प्रतिशत और 12,00,001 रुपये से 15,00,000 रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत टैक्स निर्धारित किया गया है. अंत में, 15,00,000 रुपये से अधिक की सालाना कमाई करने वालों के लिए टैक्स की दर 30 प्रतिशत रखी गई है.

  • 2,50,000 रुपये तक की इनकम के लिए: शून्य (Nil)
  • 2,50,001 रुपये से 7,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 5%
  • 7,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 10%
  • 10,00,001 रुपये से 12,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 15%
  • 12,00,001 रुपये से 15,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 20%
  • 15,00,000 रुपये से ऊपर की इनकम के लिए: 30%

अब न्‍यू टैक्‍स रिजीम को समझ लीजिए 

नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत टैक्स स्लैब में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. अब 3,00,000 रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा, यानी यह पूरी तरह टैक्‍स-मुक्त (Nil Tax) है. इसके बाद, 3,00,001 से 7,00,000 रुपये तक की आय पर 5 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा. मध्यम आय वर्ग के लिए, 7,00,001 से 10,00,000 रुपये तक की कमाई पर 10 प्रतिशत और 10,00,001 से 12,00,000 रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत टैक्स निर्धारित किया गया है. वहीं, 12,00,001 से 15,00,000 रुपये की स्लैब के लिए टैक्स की दर 20 प्रतिशत रखी गई है. अंत में, जो लोग 15,00,000 रुपये से अधिक सालाना कमाते हैं, उन पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लागू होगा.

न्‍यू टैक्‍स रिजीम 

  • 3,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: शून्य (Nil)
  • 3,00,001 रुपये से 7,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए : 5%
  • 7,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 10%
  • 10,00,001 रुपये से 12,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 15%
  • 12,00,001 रुपये से 15,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 20%
  • 15,00,000 रुपये से ऊपर की इनकम पर: 30%

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बता दें कि पिछले कुछ सालों में नए टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव हुए हैं और अब 12 लाख 75 रुपये तक की कमाई पर टैक्स नहीं लगता. इसके बाद लोगों के मन में यह सवाल है कि अब आगे क्या राहत मिलेगी. नौकरीपेशा लोगों को उम्मीद है कि सरकार अब पुराने टैक्स सिस्टम को धीरे धीरे खत्म करने की कोशिश कर सकती है लेकिन अभी भी बहुत से लोग 80C 80D और होम लोन जैसी छूट पर निर्भर हैं. 

नीचे टेबल में देखें आपके लिए कौन-सा टैक्‍स रिजीम फायदे का सौदा

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