Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 9वां बजट पेश किया. शेयर बाजार के हिसाब से यह बजट मिला-जुला रहा. जहां एक तरफ ट्रेडर्स के लिए लेनदेन की कॉस्ट में बढ़ोतरी हो गई, वहीं दूसरी तरफ लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अलग-अलग सेक्टर के लिए हुए ऐलानों ने नई उम्मीदें जगाई हैं.
F&O ट्रेडर्स को लगा STT का झटका
बाजार में बढ़ रही सट्टेबाजी को रोकने के लिए सरकार ने डेरिवेटिव सेगमेंट (F&O) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाने का कड़ा फैसला लिया. फ्यूचर्स ट्रेडिंग टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया. वहीं ऑप्शंस पर टैक्स 0.1% से बढ़कर 0.15% हो गया है. इस फैसले से इंट्राडे और रिटेल ट्रेडर्स की ट्रांजेक्शन कॉस्ट काफी बढ़ जाएगी, जिससे आज बाजार में मायूसी देखी गई.
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस
सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है, जो पिछले साल से करीब 11% ज्यादा है, जिसमें शहरों के बीच 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान. दूसरी तरफ डिफेंस बजट को 15% बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ किया गया. सेल ऑन न्यूज के चलते HAL, BEL और मझगांव डॉक जैसे शेयरों में जबरदस्त मुनाफावसूली देखी गई.
LTCG और STCG में बदलाव की उम्मीदें
निवेशक बहुत समय से कैपिटल गेन टैक्स में कुछ राहत की मांग कर रहे थे. लेकिन बजट 2026 में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ. इसका सीधा असर आज बाजार के मूड पर देखा गया.
निवेशकों को एक्सपर्ट की सलाह
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि सेंसेक्स और निफ्टी में आज की गिरावट एक तुरंत रिएक्शन है. पर लंबी अवधि में 12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ऑक्सीजन का काम करेगा. ऐसे में अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के दिग्गजों पर नजर रखें. शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को बढ़ी हुई लागत (STT) के हिसाब से अपनी प्लानिंग पर दुबारा काम करने की जरूरत है.














