वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने रविवार को पेश किए बजट 2026 में बड़े इनकम टैक्स सुधार का ऐलान किया है. सरकार ने कहा कि अब टैक्सपेयर्स को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाएगा. इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में भरोसा आधारित टैक्स संरचना विकसित करना है. वहीं, अब छोटे टैक्सपेयर्स को निल टीडीएस के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक और डिजिटल हो जाएगी. अधिकारी उन्हें परेशान नहीं करेंगे.वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि एक अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत अगर किसी की आय में कोई गड़बड़ी मिलती है या अनजाने में टैक्स छिपाया जाता है तो सजा की बजाय केवल जुर्माना भरना होगा.
गलती सुधारने के लिए 6 महीने का समय
इसके अलावा, जिन लोगों की विदेशों में अघोषित संपत्ति है, उन्हें सरकार अपनी गलती सुधारने के लिए 6 महीने का विशेष समय देगी. वह लोग एक खास डिस्क्लोजर स्कीम के तहत अपनी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी दांवपेचों से बच सकते हैं.
जुर्माने की राशि पर नहीं लगेगा ब्याज, अगर...
वित्त मंत्री के कहा, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के लिए टैक्सपेयर्स पर जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील प्रक्रिया का परिणाम कुछ भी हो. इसके अलावा, अग्रिम भुगतान की राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जा रहा है और इसका कैलकुलेशन केवल मूल टैक्स मांग पर ही की जाएगी.
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में बड़ी राहत दी है. अब आईटीआर में गलती होने पर इसे सुधारना आसान हो है और इसके लिए सरकार ने अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है. अब टैक्सपेयर्स मामूली फीस देर रिटर्न अपडेट कर सकेंगे.
सरकार ने प्रॉपर्टी खरीदने को भी आसान बना दिया है. अगर आप किसी एनआरआई से घर या जमीन खरीदते हैं तो पहले की तरह टैन नंबर की कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और बिना टैन के भी टीडीएस कट सकेगा.
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