Budget 2026: विकास भी विरासत भी... टेंपल टाउंस, बुद्धा सर्किट, आयुर्वेद, धार्मिक पर्यटन पर जोर

भारत के बजट में देश के विकास के साथ-साथ विरासत को सहेजने पर भी जोर दिया गया है. वित्त मंत्री के बजट भाषण में टेंपल टाउंस, बुद्धा सर्किट, आयुर्वेद, धार्मिक पर्यटन पर जोर दिया गया है. आइए समझते हैं कि ये घोषणाएं विरासत सहेजने के साथ-साथ विकास के लक्ष्य को कैसे हासिल करेंगी.

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बजट 2026 में भारत के विकास के साथ-साथ विरासत को सहेजने की बात भी कही गई है.
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  • केंद्रीय वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में देश के विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को महत्व दिया.
  • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में 5 नए बौद्ध पर्यटन स्थलों का विकास और रोजगारपरक कौशल विकास कार्यक्रमों की घोषणा की गई.
  • देश के शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से विकसित किया जाएगा. होमस्टे के लिए लोन दिया जाएगा.
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नई दिल्ली:

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश किया. वित्तिय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए इस बजट में भारत के विकास के साथ-साथ विरासत का भी ध्यान रखा गया है. बजट में देश के विकास के साथ-साथ विरासत को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने की बात की गई है. भारत के विरासत को संभालने के लिए बजट में टेंपल टाउंस, बुद्धा सर्किट, आयुर्वेद और धार्मिक पर्यटन को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए देश के विभिन्न वर्गों को कई सौगातें दीं, जिसमें रोजगार, शिक्षा, कृषि, और छोटे शहरों के विकास पर फोकस किया गया. 

उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल के विकास के लिए 5 नए पर्यटन स्थल बनेंगे

बजट में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल के विकास और नए 5 पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की गई. रोजगारपरक विकास के लिए सरकार ने पर्यटन को लेकर गहन कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "महायान/वज्रयान परंपराओं का एक सभ्यतागत संगम है. जहां अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध परिपथों के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं.

मंदिरों और मठों का संरक्षण होगा

इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा व्याख्या केंद्र, संपर्क, और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी. दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एकीकृत पूर्वी तटीय औद्योगिक गलियारे का विकास होगा और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पर्यटन स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव है. साथ ही पूर्वोदय राज्यों में 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है.

देश के शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को किया जाएगा विकसित

मंदिरों और मठों के विकास के अलावा बजट में रोजगार प्रेरित विकास के लिए पर्यटन को भी महत्व दिया गया है, जिसमें देश में शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से चैलेंज मोड माध्यम से विकसित किया जाएगा. तीर्थ और पर्यटन स्थलों के होटलों की अवसंरचना को एचएमएल में शामिल किया जाएगा. पर्यटन स्थलों के साथ रोजगार के विकास के लिए होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण दिया जाएगा.

पर्यटकों के लिए वीजा शुल्क पर छूट का भी प्रस्ताव

युवाओं के लिए गहन कौशल विकास की शुरुआत होगी और आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, खासकर वे स्थान जो भगवान बुद्ध के जीवन काल से संबंधित हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ पर्यटक समूहों के लिए वीजा शुल्क छूट भी देने का प्रस्ताव है और ई-वीजा की सुविधाओं की शुरुआत का भी प्रस्ताव है.

3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाने का प्रस्ताव

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और दवाओं में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद आयुर्वेद को दुनिया भर में पहचान और मान्यता मिली.

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उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता के आयुर्वेद उत्पाद जड़ी-बूटियों की पैदावार करने वाले किसानों और इनका प्रसंस्करण करने वाले युवाओं की मदद करते हैं. वित्त मंत्री ने बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, प्रमाणन तंत्र के लिए आयुष फार्मेसी और दवा जांच प्रयोगशालाओं को उच्च मानकों पर पहुंचाने और अधिक कुशल लोग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा.

कोविड के बाद आयुर्वेद को भी मिली वैश्विक पहचान

मंत्री ने कहा, ‘‘प्राचीन भारतीय योग, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान है, को तब बड़े पैमाने पर वैश्विक पहचान मिली जब प्रधानमंत्री इसे संयुक्त राष्ट्र में ले गए.'' उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद, आयुर्वेद को भी वैसी ही वैश्विक पहचान मिली. उन्होंने जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र को उन्नत करने का भी प्रस्ताव रखा ताकि पारंपरिक दवाओं के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके.

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बजट पर VFS ग्लोबल के CEO जुबिन करकारिया की राय

बजट पर VFS ग्लोबल के CEO जुबिन करकारिया ने कहा- “केंद्रीय बजट में विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए देश के विकास की एक साफ दिशा दिखाई गई है. पर्यटन, आवागमन और लोगों के कौशल को आगे की तरक्की का अहम आधार माना गया है. सरकार ने पर्यटन को रोजगार बढ़ाने, विदेशी मुद्रा लाने और अलग-अलग क्षेत्रों के विकास का एक बड़ा जरिया माना है, जिससे भारत का ट्रैवल सेक्टर और मजबूत होगा.

उन्होंने आगे कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्स बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया है. इससे सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, पर्यटन स्थलों की तैयारी मजबूत होगी और कारोबार करना आसान बनेगा. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, टूरिस्ट गाइड्स की ट्रेनिंग और नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड जैसी पहलें आने वाले समय में अच्छा असर दिखाएंगी.

इसके साथ ही, सस्टेनेबल, विरासत और अनुभव आधारित पर्यटन और मेडिकल टूरिज़्म को बढ़ावा देने से भारत के पर्यटन विकल्प और बढ़ेंगे. विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस और पढ़ाई के लिए एलआरएस के तहत टीडीएस में कटौती से यात्रियों और छात्रों पर खर्च का बोझ कम होगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय आवागमन और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी.

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