Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज पर टैक्‍स 5 से घटाकर 2 फीसदी किया गया, जानिए और क्‍या राहतें मिलीं 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में विदेश शिक्षा और स्वास्थ्य पर TCS दर 5% से घटाकर 2% करने की घोषणा की. टैक्‍सपेयर्स को एक और बड़ी राहत मिली है. रिवाइज्‍ड इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है.

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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्‍पीच के दौरान टैक्‍सपेयर्स के लिए कई बड़े ऐलान किए. इनमें सबसे बड़ी राहत विदेश में पढ़ाई और इलाज पर दी गई. वित्‍त मंत्री ने बताया कि विदेश में शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य पर TCS 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी किया जा रहा है. यानी विदेश में पढ़ाने करनेवाले या फिर इलाज के लिए विदेश जाने वालों को टैक्‍स में 3% की राहत मिलेगी. इसी के साथ उन्‍होंने विदेश यात्रा पर TCS घटाकर 2 फीसदी किए जाने का ऐलान किया. पहले 7 लाख तक के पैकेज पर 5 फीसदी टैक्‍स लगता था.  इसी के साथ टैक्‍सपेयर्स को एक और बड़ी राहत मिली है. वित्त मंत्री ने बताया कि रिवाइज्‍ड इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है. हालांकि इसके लिए मामूली चार्ज लगेगा. यानी जो लोग अबतक ITR नहीं फाइल कर पाए हैं, उनके पास मामूली शुल्‍क देकर 31 मार्च तक आईटीआर फाइल करने का मौका है.  

टैक्‍सपेयर्स के लिए बड़े ऐलान 

 नए इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और आयकर से जुड़े नियमों को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है. इसके साथ और भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं.   

  • ITR सुधारने का मौका: वित्त मंत्री ने रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए करदाताओं को मामूली शुल्क देना होगा।

  • विदेश यात्रा और पढ़ाई सस्ती: लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। साथ ही, विदेशी टूर पैकेज पर भी TCS की दर को घटाकर 2% कर दिया गया है (जो पहले 5% और 20% तक थी)।

  • विदेशी संपत्ति का खुलासा: छात्रों, टेक प्रोफेशनल्स और विदेश में रहने वाले छोटे करदाताओं के लिए 6 महीने की 'विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना' (Foreign Asset Disclosure Scheme) शुरू करने का प्रस्ताव है।

  • छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेशन: वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित (Automated) प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा गया है।

  • जुर्माने और ब्याज में राहत: यदि कोई करदाता पहली अपीलीय संस्था के पास अपील करता है, तो अपील की अवधि के दौरान जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे फैसले का नतीजा कुछ भी हो।

  • हादसा मुआवजे पर टैक्स छूट: सरकार ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे (Award) को इनकम टैक्स से मुक्त करने का प्रस्ताव दिया है।

  • सहकारी समितियों को फायदा: अधिसूचित सहकारी समितियों को 31 जनवरी 2026 तक किए गए निवेश से मिलने वाली डिविडेंड इनकम पर 3 साल की छूट देने का प्रस्ताव है।

  • नया इनकम टैक्स एक्ट: 'आयकर अधिनियम 2025' को 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। इसके नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे।

बजट 2026 में सरकार ने टीसीएस दरों में बड़ी राहत दी है. उदारीकृत प्रेषण योजना यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो शिक्षा या मेडिकल कारणों से विदेश पैसा भेजते हैं.

टैक्स नियमों में भ्रम दूर करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति को ठेकेदारों को किए गए भुगतानों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा. इसके तहत अब इन सेवाओं पर केवल 1 प्रतिशत या 2 प्रतिशत टीडीएस लगेगा, जिससे कारोबारियों और श्रमिकों दोनों को सहूलियत मिलेगी.

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