8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. 3 नवंबर, 2025 को गठित 8वां वेतन आयोग वेतन संरचनाओं, पेंशन और भत्तों की समीक्षा कर रहा है और साथ ही कर्मचारियों की मांगों और सरकार की बजट प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बना रहा है. इस बीच ओडिशा के भुवनेश्वर में हुई एक बैठक में, रेलवे इंजीनियरों ने 8वें वेतन आयोग से वेतन में बड़े बदलाव की मांग कर दी है. इंजीनियरों ने समानता, करियर में तरक्की और प्रमोशन से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने 'ग्रुप B' का दर्जा और मौजूदा वेतन ढांचे में बदलाव की भी मांग की. उनका तर्क है कि छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद से इंजीनियरों को नुकसान उठाना पड़ा है.
'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' के अनुसार, 'ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन' (AIREF) और 'ईस्ट कोस्ट रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन' (ECoREA) ने 8वें वेतन आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन के साथ बातचीत के दौरान ये मांगें रखीं. यह बैठक आयोग के देशव्यापी आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा थी. इस कार्यक्रम के तहत कर्मचारी यूनियन, पेंशनभोगी और अन्य संबंधित पक्ष अपनी चिंताएं आयोग के सामने रख सकते हैं, ताकि आयोग वेतन, पेंशन और भत्तों पर अपनी सिफारिशें तैयार कर सके.
AIREF ने वेतन में समानता और मांगा ग्रुप B का दर्जा
AIREF की ओर से सेक्रेटरी जनरल बीपी डैश ने कमीशन को फेडरेशन का ज्ञापन सौंपा और कहा कि छठे वेतन आयोग के बाद रेलवे इंजीनियरों के वेतन ढांचे में गिरावट आई है. डैश ने कहा कि रेलवे के कामकाज में अहम भूमिका निभाने के बावजूद, रेलवे इंजीनियरों को नॉन-टेक्निकल और नॉन-सेफ्टी कैडर के कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन मिलता है. उन्होंने कमीशन से अपील की कि वे छठे वेतन आयोग से पहले वाला वेतन ढांचा फिर से लागू करें और रेलवे इंजीनियरों को केंद्र सरकार के अन्य विभागों के कर्मचारियों के बराबर 'ग्रुप B' का दर्जा दें.
AIREF ने कमीशन से यह भी सिफारिश करने को कहा कि रेलवे में 'ग्रुप B' पदों की हिस्सेदारी को मौजूदा 0.29% से बढ़ाकर 7.5% किया जाए, ताकि यह राष्ट्रीय औसत के बराबर हो सके.
स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत जारी
6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में हुई बैठक, देश भर में कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ 8वें वेतन आयोग द्वारा आयोजित बातचीत की एक श्रृंखला का हिस्सा थी. उम्मीद है कि आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले 10 जुलाई को कोलकाता में बातचीत का आखिरी दौर पूरा करेगा. इससे पहले दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर, लद्दाख और भुवनेश्वर में बातचीत हुई थी. रेलवे कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के अलावा, यूनियनों ने बेहतर फिटमेंट फैक्टर, संशोधित भत्ते, पेंशन में सुधार, बेहतर हाउस रेंट अलाउंस और मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन फ्रेमवर्क में बदलाव की मांग की है.
इन बैठकों का मकसद आयोग द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले कर्मचारी संगठनों से सुझाव और मांगें हासिल करना है. इन बातचीत से तुरंत किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है.
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