8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग पर हर दिन बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. अलग-अलग सेक्टर के कर्मचारी संगठन के साथ वेतन आयोग की टीमें बैठक कर रही हैं. इसी बीच कर्मचारियों के प्रतिनिधि समूह नेशनल काउंसिल ने सरकार से बड़ी मांग कर दी है. काउंसिल ने कहा कि कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.83 लागू किया जाए. इसके साथ ही मिनिमम सैलरी 69,000 रुपये कर दी जाए. यानी काउंसिल का मानना है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा हो, जिससे महंगाई के अनुसार उन्हें अच्छी सैलरी मिल सके.
नेशनल काउंसिल ने दिया अपने डिमांड का मेमोरेंडम
मालूम हो कि सरकार ने वेतन आयोग बना दिया था, जिसके लिए JCM स्टाफ साइड ने कमीशन के 18 सवालों का जवाब दिए हैं. साथ ही अपनी डिमांड का मेमोरेंडम भी सौंप दिया है. इसमें उनकी तरफ से कई बड़े मुद्दों पर डिमांड रखी गईं हैं, पहला मिनिमम सैलरी को बढ़ाना, दूसरा फिटमेंट फैक्टर को फिक्स करना, तीसरा रेट ऑफ इंक्रीमेंट, चौथा प्रमोशन की पॉलिसी क्या रहेगी, पांचवी भत्ते, एडवांस को लेकर अलग फैसला और छठी न्यू पेंशन स्कीम को हटाने की मांग रखी गई है.
डिमांड लेटर में शामिल ये बड़ी मांगें
इस डिमांड लेटर में नेशनल काउंसिल ने इंक्रीमेंट के रेट को 6 फीसदी करने की भी मांग की है. साथ ही कहा है कि 1 जनवरी 2004 के बाद जितने भी कर्मचारी भर्ती हुए हैं, उनके लिए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए. पेंशन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस के दायरे को भी बढ़ाना चाहिए. अभी पेंशन पा रहे पेंशनर्स की पेंशन में भी सुधार किया जाए, जैसे कम्यूट की गई पेंशन यानी जो पहले एडवांस में ली थी, उसे फिर से बहाल किया जाए. संसद की स्थायी कमेटी ने पेंशन को लेकर जो सुझाव दिए थे, उन्हें लागू किया जाए.
पेंशन होल्डर्स के लिए खास जगह
पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों के प्रतिनिधि समूह नेशनल काउंसिल ने कहा कि हर पांच साल में पेंशन को बढ़ाया जाए. इसके अलावा पेंशनर्स को मिलने वाला मेडिकल खर्च 3000 हजार रुपये महीना किया जाए. हर जिले में CGHS हेल्थ सेंटर हो, जिससे इस सुविधा का लाभ ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी उठा सकें. सरकार ने कहा कि पेंशन से जुड़ी मांगों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को भेज दिए जाएंगे. वहीं CGHS बढ़ाने की मांग पर स्वास्थ्य मंत्रालय फैसला करेगा.
इन सभी के अलावा भी कर्मचारियों ने कुछ और सुझाव दिए हैं, जिसमें अभी के 18 सैलरी लेवल को 7 किया जाए, 30 साल की नौकरी में 5 बार प्रमोशन हो, हर 5 साल में पेंशन को रिव्यू किया जाए, मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 240 दिन किया जाए, साथ ही हाउस रेंट अलाउंस को डीए के साथ शामिल करके 40% करना शामिल है.













