बीजेपी असम और बंगाल की चुनावी रणनीति को पूरे देश में 2027 के विधानसभा चुनावों में लागू करने की तैयारी में है. असम और बंगाल में ध्रुवीकरण के आधार पर चुनाव प्रचार में हिंदू वोटों को मजबूत करने की रणनीति अपनाई गई है. विपक्षी दलों में मुस्लिम विधायक संख्या अधिक होने से विपक्ष को अक्सर एंटी-हिंदू और एंटी-सरकार बताया जा रहा है.