मिडिल ईस्ट के युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत तक कच्चे तेल की सप्लाई में भारी बाधा आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से तेल कंपनियों को प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई ताकि तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे का कुछ हिस्सा कम किया जा सके.