8th CPC Latest News: देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार है. सबके जेहन में मूल सवाल यही कि उनकी सैलरी या पेंशन में कितना इजाफा होगा और ये कब से मिलेगी. इसके लिए वेतन आयोग काम भी कर रहा है. केंद्रीय कर्मियों और पेंशनर्स समेत इनसे जुड़े तमाम संघों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से ऑनलाइन सुझाव मांगे गए थे, जिसे भेजने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026, मंगलवार को खत्म हो रही है. NC-JCM (स्टाफ साइड), AIRF, ऑल इंडिया NPS एंप्लाइज फेडरेशन समेत कई संगठनों ने सुझाव भेजे भी हैं. अब आठवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन (Implementation) और महत्वपूर्ण अपडेट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे कर्मचारी-पेंशनर्स के लिए कुछ जरूरी बातें सामने आई हैं. केंद्र सरकार ने इसको लेकर जानकारियां दी हैं. इस संबंध में संसद में पूछे गए सवालों के बाद वित्त मंत्रालय ने वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित प्रस्तावित बदलावों के साथ-साथ इसकी समय-सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है.
क्या मई 2027 में मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी-पेंशन?
लोकसभा में पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को औपचारिक रूप से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) का गठन किया था. इसके अलावा, ये सहमति बनी है कि आयोग को सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन के संबंध में अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. चौधरी ने कहा, 'आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन आदि जैसे विभिन्न मुद्दों पर अपनी सिफारिशें देगा.'
इतना पढ़ते हुए आपके मन में ये सवाल उठ सकता है कि क्या नवंबर 2025 से 18 महीने बाद यानी अप्रैल 2027 तक सिफारिशों का काम पूरा हो जाएगा और क्या मई 2027 से बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी? इस कनफ्यूजन को भी वित्त राज्य मंत्री ने दूर कर दिया है.
सिफारिशें मिलने के बाद भी लंबी प्रक्रिया
वेतन आयोग के सिफारिशें सौंपने के बाद जरूरी नहीं कि अगले महीने से ही सैलरी और पेंशन बढ़कर आने लगेगी. इस पर भी वित्त राज्य मंत्री ने जानकारी दी है. उन्होंने सूचित किया गया कि इन सिफारिशों के वित्तीय प्रभाव की जानकारी तभी मिल पाएगी जब 8वें वेतन आयोग द्वारा इन्हें प्रस्तुत किया जाएगा और सरकार इन्हें स्वीकार कर लेगी. यानी उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि 18 महीने की समयसीमा केवल सिफारिशें देने के लिए हैं. आयोग इन सिफारिशों को प्रस्तुत करेगा और सरकार जब इन्हें मान लेगी, उसके बाद ही कर्मचारी-पेंशनर्स को बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन मिलेगी.
सैलरी में बढ़ोतरी कब से लागू होगी?
ताजा अपडेट के अनुसार, संशोधित वेतनमान 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है. हालांकि, अंतिम निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि रिपोर्ट कब सौंपी और स्वीकार की जाती है. इंडिया टुडे ने GenZCFO के फाउंडर CA मनीष मिश्रा के हवाले से बताया है कि कागज पर तो 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी बताया जा रहा है, लेकिन व्यावहारिक रूप से बढ़ा हुआ वेतन संभवतः 2026 के अंत तक या वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ही कर्मचारियों के बैंक खातों में पहुंचेगा, जैसा कि पिछले वेतन आयोगों के समय देरी देखी गई थी. इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों को एरियर (Arrears) मिलने की पूरी संभावना है. इसका मतलब है कि संशोधित वेतन की गणना 1 जनवरी, 2026 से की जा सकती है, क्योंकि इसी समय 7वें वेतन आयोग का चक्र समाप्त हुआ है.
वर्तमान में, वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इंडिया टुडे ने कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस के MD प्रतीक वैद्य के हवाले से बताया, 'उम्मीदों को समझने के लिए दो आधार मदद करते हैं- पिछले आयोगों का प्रदर्शन और आज की व्यापक इकोनॉमी. 6ठे वेतन आयोग ने औसतन लगभग 40% की वृद्धि दी थी, जबकि वेतन और भत्तों पर 7वें वेतन आयोग का कुल प्रभाव अक्सर 23-25% के आसपास माना जाता है, जिसमें 2.57 का एक समान फिटमेंट फैक्टर था.'
सुझाव भेजने के लिए आखिरी मौका
8वें वेतन आयोग के संबंध में 18 प्रश्नों वाली एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई है और इसे MyGov पोर्टल पर अपलोड किया गया है. इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, यूनियनों, शिक्षाविदों और व्यक्तियों से प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की गई हैं. सुझावों के लिए पहले 16 मार्च तक की डेडलाइन थी, जिसे पिछले दिनों 31 मार्च 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया. यानी अब महज एक दिन शेष रह गए हैं.
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