500 रुपये के नोट कहां और कैसे छपते हैं, कितना आता है खर्च, RBI ने बताया

500 Rupee Note Printing Process: सरकार जो 500 रुपये की एक नोट छापती है तो उस पर कागज से लेकर छपाई तक 2.29 रुपये खर्च होते हैं. बाकी नोटों को छापने का खर्च कितना होता है, ये भी जान लीजिए, पूरी प्रक्रिया समेत.

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500 Rupee Note Printing Process Explained: 500 रुपये के नोट छपने की प्रक्रिया और खर्च, यहां डिटेल में समझें

Bank Rupee Note Printing Process Explained: पिछले दिनों रिलीज हुई फिल्‍म धुरंधर-2 में दिखाई गई नोटबंदी की कहानी खूब चर्चा में रही. समय-समय पर सरकार और RBI नोटबंदी करती रही है, जबकि पुराने नोटों को चलन से बाहर कर नए नोट लाए जाते रहे हैं. आज देश में सबसे बड़ा नोट 500 रुपये का है. 1000 रुपये के नोट बंद हो चुके हैं और 2,000 रुपये के नोट भी चलन से बाहर हो चुके हैं. हर दिन बड़ी से बड़ी खरीदारी या लेनदेन के लिए हमारे और आपके पास जो सबसे बड़ा नोट होता है- वो है 500 रुपये का नोट. अभी वाला 500 रुपये का नोट, पहले वाले 500 रुपये के नोट से एकदम ही अलग है. क्‍या आप जानते हैं ये नोट आखिर तैयार कैसे होते हैं? 

बैंक नोट तैयार होने की तय प्रक्रिया

कोई भी नया नोट जब चलन में आता है तो आने से पहले ये रातों-रात तैयार नहीं हो जाते, बल्कि इसके लिए इन्‍हें डिजाइनिंग, प्रिंटिंग और मिंटिंग की लंबी तय प्रक्रिया से गुजरना होता है. देश में नोट छपाई के लिए केवल 4 प्रेस हैं, जहां कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था में नोट छापे जाते हैं. इसके बारे में RBI ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर डिटेल में जानकारी दी है. 

कहां-कहां छापे जाते हैं नोट?

केंद्रीय बैंक RBI के अनुसार, देश में नोट छापने के लिए 4 प्रिंटिंग प्रेस हैं. इसमें से दो प्रेस सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं, जबकि बाकी 2 प्रेस RBI के नियंत्रण में हैं. 

नोट छापने वाले जो 2 प्रिंटिंग प्रेस, महाराष्‍ट्र के नासिक और मध्‍य प्रदेश के देवास में स्थित हैं, उनका ऑपरेशन और कंट्रोल SPMCIL यानी सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जिम्‍मे है. 

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इन दोनों प्रेस के अलावा अन्य दो कर्नाटक के मैसूरु और पश्चिम बंगाल के सालबोनी में स्थित हैं, जिनका संचालन BRBNMPL यानी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड के जिम्‍मे है.  

किसे है नोट छापने का अधिकार? 

RBI के अनुसार, नोट छापने का अधिकार सिर्फ उसी के पास है. RBI नोटों के डिजाइन, साइज, सामग्री वगैरह की सिफारिशें करता है और उसी आधार पर केंद्र सरकार अनुमोदन करती है. हर साल केंद्रीय बैंक 10-20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक विभिन्न मूल्यवर्गों में आवश्यक नोटों की संख्या का अनुमान लगाता है और प्रेस को ऑर्डर देता है.  

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नोट इस्‍तेमाल करते-करते घिस जाते हैं, फट जाते हैं. ऐसे में नोटों की गुणवक्ता में सुधार के लिए केंद्रीय बैंक स्वच्छ नोट नीति अपनाता है. इस पॉलिसी के तहत केवल अच्छी स्थिति वाले नोटों को फिर से जारी किया जाता है, जबकि फटे-पुराने या क्षतिग्रस्त नोटों को वापस लेकर निष्‍पादित कर दिया जाता है.  

500 के एक नोट का खर्च 2.29 रुपये, बाकियों का कितना? 

सरकार जो 500 रुपये की एक नोट छापती है तो उस पर कागज से लेकर छपाई तक करीब 2.29 रुपये खर्च होते हैं. 500 रुपये के हरे नोट में महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर और लाल किला इसे खास बनाता है. इसी के साथ इसमें कई सुरक्षा मानक भी होते हैं. 

बाकी नोटों की बात करें तो 200 रुपये का नोट छापने में सरकार के 2.37 रुपये खर्च होते हैं. पीले रंग के इस नोट को महात्‍मा गांधी की फोटो और सांची का स्‍तूप खास बनाता है. 

इसी तरह 100 रुपये के एक नोट को छपने में सरकार के 1.77 रुपये खर्च होते हैं, जबकि 10 और 20 रुपये के नोट छापने में सरकार के करीब 95 पैसे खर्च होते हैं. 

बैंक नोटों की तरह सिक्‍कों की कहानी भी दिलचस्‍प है, जिनकी ढलाई के लिए देश में 4 टकसाल हैं. ये सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) के मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा स्थित टकसाल में तैयार किए जाते हैं.  

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Sources: RBI Official Website

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