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लता मंगेशकर ने पहले ठुकराया 'मुझे बुड्ढा मिल गया' गाना फिर राज कपूर के कहने पर गाया, लेकिन उठाया ये बड़ा कदम

लता मंगेशकर ने ‘संगम’ के गाने ‘मैं क्या करूं राम, मुझे बुड्ढा मिल गया’ को पहले गाने से इनकार क्यों किया था? जानिए राज कपूर से जुड़ा दिलचस्प किस्सा.

लता मंगेशकर ने पहले ठुकराया 'मुझे बुड्ढा मिल गया' गाना फिर राज कपूर के कहने पर गाया, लेकिन उठाया ये बड़ा कदम
62 साल पुराना गाना जिसे राज कपूर की रिक्वेस्ट पर लता मंगेशकर ने गाया तो सही लेकिन फिर उठाया ये बड़ा कदम
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राज कपूर (Raj Kapoor) की फिल्म 'संगम (Sangam)' का एक गाना ऐसा है, जो दशकों बाद भी हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित गीतों में गिना जाता है. बोल थे, 'मैं क्या करूं राम, मुझे बुड्ढा मिल गया'. गाने की धुन, वैजयंतीमाला का डांस और इसका शरारती अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. लेकिन इस गीत से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है, जो इसे सिर्फ एक लोकप्रिय फिल्मी गाना नहीं, बल्कि लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के सिद्धांतों और राज कपूर के फिल्ममेकिंग स्टाइल से जुड़े टकराव की दिलचस्प कहानी भी है.

लता मंगेशकर इसको गाने के लिए तैयार नहीं थीं. उन्हें इसके बोल पसंद नहीं आए थे. उन्होंने राज कपूर से साफ कह दिया था कि वह इसे नहीं गाना चाहतीं. आखिरकार राज कपूर ने उन्हें समझाया और गाना रिकॉर्ड हुआ. लेकिन इसके बाद लता मंगेशकर ने ऐसा फैसला लिया, जिसने इस किस्से को हिंदी फिल्म संगीत के यादगार प्रसंगों में शामिल कर दिया. आइए जानते हैं क्या हुआ था 62 साल पहले.

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क्यों लता मंगेशकर को पसंद नहीं आए थे गाने के बोल?

1964 में रिलीज हुई ‘संगम' का निर्देशन और निर्माण राज कपूर ने किया था. फिल्म में राज कपूर के साथ वैजयंतीमाला और राजेंद्र कुमार लीड रोल में थे. संगीतकार शंकर-जयकिशन थे, जबकि 'मैं क्या करूं राम, मुझे बुड्ढा मिल गया' के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे. यह गाना अपने समय के लिहाज से काफी अलग अंदाज में फिल्माया गया था. इसमें वैजयंतीमाला का किरदार अपने पति को छेड़ता है और शादीशुदा जिंदगी को लेकर चुटीले अंदाज में अपनी नाराजगी जताता है. लेकिन गाने में मजाक के साथ कुछ ऐसे भी इशारे थे जिन्हें लेकर लता मंगेशकर सहज नहीं थीं.

लता मंगेशकर ने अपने एक इंटरव्यू में इस बारे में बताया था कि उन्होंने राज कपूर से कहा था कि उन्हें गाने के बोल अच्छे नहीं लग रहे और वह इसे नहीं गा सकतीं. उनके लिए किसी गीत को गाना सिर्फ अपनी आवाज देना नहीं था, बल्कि उसके शब्दों और प्रस्तुति से सहज होना भी जरूरी था.

राज कपूर ने कैसे मनाया था लता मंगेशकर को?

लता मंगेशकर के मुताबिक, राज कपूर ने उन्हें समझाया कि फिल्म में यह गीत एक मजाक के तौर पर है. महिला किरदार अपने पति को छेड़ रही है और निर्देशक इसे उसी अंदाज में पर्दे पर दिखाना चाहते हैं. राज कपूर ने भरोसा दिलाया कि गाने को इस तरह फिल्माया जाएगा कि उसमें अश्लीलता न लगे. इसी आश्वासन के बाद लता रिकॉर्डिंग के लिए तैयार हुईं. उन्होंने बाद में स्पष्ट किया था कि राज कपूर ने उन पर दबाव नहीं डाला था, बल्कि अपनी बात समझाकर उन्हें मनाया था.

इस किस्से का सबसे दिलचस्प हिस्सा लता मंगेशकर का वह फैसला है, जिसके बारे में उन्होंने खुद बताया था. गाना रिकॉर्ड करने के बावजूद उन्होंने 'संगम' फिल्म नहीं देखी. लता मंगेशकर ने 1999 के एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने गाना इसलिए गाया क्योंकि राज कपूर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इसे अच्छे से पेश किया जाएगा. लेकिन फिल्म देखने का उनका मन नहीं हुआ. उन्होंने साफ कहा था कि इस एक गाने की वजह से उन्होंने पूरी फिल्म नहीं देखी.

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