एक बंगला खरीदना कभी जीतेंद्र का सपना था, जिसके सच होने की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. मुंबई की एक चॉल में अपने परिवार के साथ पले-बढ़े जीतेंद्र के लिए, शहर के पॉश इलाके पाली हिल में अपना घर होना एक ऐसा पल था, जिसने उनकी जिंदगी ही बदल दी. हालांकि जो एक सपने के सच होने जैसा था, वह जल्द ही अभिनेता के लिए चिंता का कारण बन गया, क्योंकि उन्हें लगा कि इस प्रॉपर्टी के आने से उनकी किस्मत खराब हो गई है. 'द रियलिटी ड्राइव' के साथ हुई बातचीत में जीतेंद्र ने उस बंगले से जुड़ी कहानी शेयर की जो कभी मशहूर अभिनेता भरत भूषण का हुआ करता था. हालांकि, बाद में उन्होंने यह सोचकर वह घर छोड़ दिया कि यह उनके लिए अशुभ है, लेकिन आज वही प्रॉपर्टी उनके जीवन के सबसे बेहतरीन निवेशों में से एक बन गई है.
एक चॉल से पाली हिल के बंगले तक का सफर
जीतेंद्र ने बताया कि 'बैजू बावरा' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर अभिनेता भरत भूषण अपने जीवन के आर्थिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे थे, ऐसे में वह उनके पास आए और उन्हें अपना पाली हिल वाला बंगला बेचने का प्रस्ताव दिया. उस पल को याद करते हुए जीतेंद्र ने कहा, "उन दिनों एक बहुत बड़े स्टार हुआ करते थे, जिन्होंने 'बैजू बावरा' जैसी फिल्में की थीं. वे मेरे पास आए और मुझे अपना पाली हिल वाला बंगला खरीदने का ऑफर दिया. जब मैंने अपने पिता से बात की, तो उन्होंने कहा, 'चलो, हम भी एक बंगला खरीद लेते हैं.' तब तक हम बहुत ही साधारण, निम्न-मध्यम वर्गीय जीवन जी रहे थे. मैं गिरगांव की एक चॉल में 20×10 के कमरे में रहता था, जहां आठ लोग एक साथ रहते थे. इसलिए, एक बंगला खरीदना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी." अभिनेता ने बताया कि उन्होंने यह बंगला 4.25 लाख रुपये में खरीदा था. इस डील में 3,450 वर्ग फुट का प्लॉट भी शामिल था, जो आज के हिसाब से एक अविश्वसनीय सौदा है.
जितेंद्र ने वह घर क्यों छोड़ दिया?
हालांकि बंगला खरीदना एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन वहां शिफ्ट होने के बाद हालात तेजी से बदलने लगे. उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गईं, जिससे उन्हें लगने लगा कि यह प्रॉपर्टी उनके लिए दुर्भाग्य लेकर आई है. उन्होंने याद करते हुए बताया, "मैंने आखिरकार 4.25 लाख रुपये में वह बंगला खरीद लिया. सबसे हैरानी की बात यह थी कि उसी कीमत में 3,450 वर्ग फुट का प्लॉट भी मिल गया. हम वहां रहने चले गए, लेकिन अचानक मेरी चार फिल्में फ्लॉप हो गईं. मैंने अपने पिता से कहा, 'भारत भूषण यहां से भाग गए थे, अब लगता है मेरी बारी है. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो मेरा करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा.' मेरे पिता मान गए और हम वहां से चले गए."
यह प्रॉपर्टी उनका सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट साबित हुई
कई सालों बाद, जितेंद्र ने बंगले को फिर से विकसित (रीडेवलप) करने का फैसला किया. निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही, इस प्रॉपर्टी से उन्हें इतना रिटर्न मिलने लगा जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी. कहानी का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा, "बाद में कोई मेरे पास आया और उसने बंगले को फिर से बनाने (रीडेवलप करने) का प्रस्ताव दिया. मैं मान गया. आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन जब उसे तोड़ा गया, तो सिर्फ उसमें लगी 'बर्मा टीक' (एक तरह की कीमती लकड़ी) से ही मुझे 11.5 लाख रुपये मिल गए. मैंने पूरा बंगला 4.25 लाख रुपये में खरीदा था और सिर्फ लकड़ी से ही 11.5 लाख रुपये कमा लिए."
भरत भूषण ने जल्दबाजी में बेची थी प्रॉपर्टी
उन्होंने कहा, "सोचिए, भरत भूषण कितने नासमझ थे कि उन्होंने इतनी बेहतरीन प्रॉपर्टी सिर्फ 4.25 लाख रुपये में बेच दी. वे बहुत मुश्किल हालात में थे और उन्होंने एक बहुत बड़ा मौका गंवा दिया. वे जमीन और इमारत से अलग-अलग कमाई कर सकते थे, लेकिन उन्होंने पूरा सौदा सिर्फ दो दिनों में ही निपटा दिया." बाद में, जितेंद्र ने इस जगह को फिर से विकसित करके पाली हिल के नरगिस दत्त रोड पर 'गौतम अपार्टमेंट्स' बनाया. हालांकि, उन्होंने माना कि उन्होंने नए बने फ्लैट्स को जरूरत से कहीं ज्यादा जल्दी बेच दिया था. "बाद में मैंने इस प्रॉपर्टी को 'गौतम अपार्टमेंट्स' में बदल दिया. मुझे बहुत जल्दी थी, इसलिए मैंने फ्लैट्स 85 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से बेच दिए. मुझे डर था कि शायद बाद में कोई इन्हें खरीदेगा ही नहीं." उनके बेटे, एक्टर तुषार कपूर ने बताया कि इतने सालों में कीमतें कितनी बदल गई हैं. उन्होंने कहा, "आज वहां फ्लैट्स लगभग 85,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से बिकते हैं." प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत को देखते हुए जितेंद्र ने बताया, "सिर्फ उस जमीन की कीमत, जिस पर यह इमारत खड़ी है. लगभग 450 करोड़ रुपये है."
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं