फिल्में सिर्फ नायक-नायिका के जोर से हिट नहीं होतीं. इनमें सहयोगी कलाकारों का भी बड़ा रोल होता है. विलेन, ग्रे शेड किरदार या कॉमेडियन के बिना कहानी और मनोरंजन अधूरा रह जाता है. इन्हीं में से एक नाम है गुड्डी मारुति. अपनी थुलथुली काया और अनोखे अंदाज से उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया. मोटापे को कभी कमजोरी नहीं मानकर उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाया और कॉमेडी के जरिए सैकड़ों फिल्मों में अपनी खास जगह बनाई. 4 अप्रैल 1961 को मुंबई में जन्मीं गुड्डी ने अपनी थुलथुल काया और अनोखे अंदाज से दर्शकों को खूब हंसाया. अभिनेत्री ने कभी अपने मोटापे को कमजोरी नहीं बनने दिया. उल्टा, उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाया और साइड रोल्स में भी इतनी छाप छोड़ी कि आज भी लोग उन्हें देखकर मुस्कुरा उठते हैं.
10 साल की उम्र में शुरू की एक्टिंग
कम ही लोग जानते हैं कि गुड्डी मारुति का असली नाम ताहिरा परब है. उनके पिता मारुति राव परब खुद एक अभिनेता और डायरेक्टर थे. फिल्मी फैमिली में जन्मी गुड्डी को बचपन से ही सिनेमा की दुनिया से गहरा लगाव था. मात्र 10 साल की छोटी उम्र में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में फिल्म ‘जान हाजिर है' से अपनी एक्टिंग की शुरुआत कर दी. पिता के अचानक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी छोटी गुड्डी के कंधों पर आ गई. इस मुश्किल वक्त में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक्टिंग को अपना सहारा बनाया.

टुनटुन के नाम से पुकारा गया
हालांकि, एक्टिंग की राह उनके लिए इतनी भी आसान नहीं लग रही थी. उस समय बॉलीवुड में हीरोइनों को फिट और सुडौल फिगर की जरूरत होती थी. ऐसे में अपना मोटापा गुड्डी के लिए रोल पाने में बड़ी बाधा बन गया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अपनी शारीरिक बनावट को कॉमेडी का हथियार बनाकर उन्होंने साइड रोल्स में काम करना शुरू किया. धीरे-धीरे उनकी हंसी-मजाक भरी अदाकारी लोगों को इतनी पसंद आने लगी कि उन्हें ‘टुनटुन' के नाम से भी पुकारा जाने लगा.
90 के दशक में पॉपुलर हुईं
मशहूर फिल्ममेकर मनमोहन देसाई ने ही उन्हें ‘गुड्डी मारुति' नाम दिया था, जिससे वे पूरे बॉलीवुड में लोकप्रिय हो गईं. गुड्डी मारुति ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. उन्होंने ‘दूल्हे राजा', ‘बीवी नंबर 1', ‘शोला और शबनम', ‘चोर मचाए शोर' जैसी कई यादगार फिल्मों में अपनी कॉमेडी से दर्शकों का मनोरंजन किया. बड़े-बड़े अभिनेताओं के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए भी उन्होंने कभी अपनी पहचान बनाए रखी. उनकी कॉमेडी टाइमिंग और नेचुरल अंदाज देखकर लोग हंस-हंसकर लोट-पोट हो जाते थे. 90 के दशक की कई फिल्मों में उन्हें देखा गया.
टीवी की दुनिया में आजमाया हाथ
साल 1995 में फिल्म ‘सॉरी मेरी लॉरी' के बाद गुड्डी मारुति ने फिल्म इंडस्ट्री से ब्रेक ले लिया. करीब नौ साल बाद 2015 में उन्होंने फिल्म ‘हम सब उल्लू हैं' से वापसी की और फिर से दर्शकों को हंसाया. इसके बाद उन्होंने टीवी जगत में भी कदम रखा. उन्होंने ‘मिसेज कौशिक की पांच बहुएं', ‘डोली अरमानों की' और ‘ये उन दिनों की बात है' जैसे सीरियलों में काम किया. टीवी पर उन्होंने गंभीर भूमिकाएं भी निभाईं, लेकिन दर्शक उन्हें हंसते-मजाक करते ज्यादा देखना पसंद करते थे. टीवी में आने के बाद गुड्डी ने अपना वजन भी काफी कम किया. पर्सनल लाइफ की बात करें तो गुड्डी मारुति की शादी बिजनेसमैन अशोक से हुई. दोनों मुंबई के बांद्रा इलाके में रहते हैं.
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