आज जब बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड टूटते हैं, तो एक दौर ऐसा भी था जब रिकॉर्ड बनाना जैसे किसी एक ही स्टार की आदत बन गई थी. सिनेमाघरों के बाहर भीड़ उमड़ती थी, टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था और हर नई रिलीज अपने आप हिट मानी जाती थी. उस साल फिल्मों की लाइन लगी थी और हर फिल्म दर्शकों के दिल में उतरती चली गई. 10 में से 9 फिल्मों का हिट होना आज भी किसी चमत्कार से कम नहीं लगता. ये वही साल था जब हिंदी सिनेमा को उसका पहला सुपरस्टार मिला और वो नाम था राजेश खन्ना.
हिट फिल्मों की झड़ी ने बनाया बादशाह

1972 में ‘दुश्मन', ‘अमर प्रेम', ‘बावर्ची', ‘अपना देश', ‘राजा जानी', ‘दिल दौलत दुनिया', ‘अनुराग', ‘शहजादा' और ‘मेरे जीवन साथी' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की. हर फिल्म में अलग अंदाज और कहानी देखने को मिली, लेकिन दर्शकों का प्यार हर बार एक जैसा रहा. कभी रोमांस, कभी इमोशन और कभी पारिवारिक ड्रामा, हर किरदार में वो पूरी तरह छा गए. यही वजह रही कि उस साल उनका स्टारडम अपने चरम पर पहुंच गया.
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फैंस के दिलों में बस गया था सुपरस्टार

उस दौर में फैंस की दीवानगी किसी कहानी से कम नहीं थी. लोग उनके पोस्टर पर फूल चढ़ाते थे और उनके लिए खून से खत लिखते थे. उनकी मुस्कान और डायलॉग बोलने का अंदाज लोगों को दीवाना बना देता था. स्क्रीन पर आते ही तालियां गूंज उठती थीं. 1972 ने इस स्टारडम को इतिहास बना दिया और उन्हें हमेशा के लिए खास बना दिया.
अब दामाद के नाम है बॉक्स ऑफिस की कमान

समय बदला लेकिन स्टारडम की ये कहानी आज भी जारी है. आज उनके दामाद अक्षय कुमार इंडस्ट्री के बड़े सितारों में शामिल हैं और लगातार हिट फिल्में दे रहे हैं. जिस तरह एक दौर में ससुर ने बॉक्स ऑफिस पर राज किया, उसी तरह आज दामाद भी दर्शकों का दिल जीत रहे हैं.
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