बॉलीवुड के सबसे यादगार विलेन की बात हो और प्रेम चोपड़ा का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. 350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra) ने अपने करियर में हीरो, सेकेंड लीड, कॉमेडियन और चरित्र अभिनेता तक के रोल किए, लेकिन उनकी असली पहचान बनी, वो खलनायक, जिसकी आवाज और अंदाज आज भी लोगों को याद है. हाल ही में रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल' में भी उनकी मौजूदगी चर्चा में रही. मगर क्या आप जानते हैं कि प्रेम चोपड़ा की बतौर हीरो पहली फिल्म की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी?
जब प्रेम चोपड़ा को मिला पहला हीरो रोल
प्रेम चोपड़ा ने फिल्मों में कदम 1955 में रखा था. शुरुआत छोटे किरदारों से हुई, लेकिन बतौर हीरो उनकी पहली फिल्म बनी एक पंजाबी फिल्म‘ए धरती पंजाब दी'. इस फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई, लेकिन उससे भी ज्यादा दिलचस्प है उस इंसान की कहानी जिसने यह फिल्म बनाई. निर्माता कोई बड़ा फिल्ममेकर नहीं… टैक्सी ड्राइवर था!
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‘ए धरती पंजाब दी' के निर्माता थे सरदार सिंह सूरी, जिनका संघर्ष किसी बायोपिक से कम नहीं लगता. कहा जाता है कि सूरी मूल रूप से रावलपिंडी से थे. देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार पहले पंजाब पहुंचा और फिर जीवन की तलाश उन्हें मुंबई ले आई. मुंबई में उन्होंने मेहनत-मजदूरी करके एक टैक्सी खरीदी और टैक्सी चलाने लगे. धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और एक टैक्सी तीन टैक्सियों में बदल गई. लेकिन सूरी के मन में कुछ और बड़ा करने की आग थी.
सपने के लिए बेच दीं तीनों टैक्सियां
सरदार सिंह सूरी ने एक दिन फैसला किया कि वो फिल्म बनाएंगे. और उस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी तीनों टैक्सियां बेच दीं. इसी पैसे से बनी पंजाबी फिल्म ‘ए धरती पंजाब दी'—और इसी फिल्म से प्रेम चोपड़ा को बतौर हीरो पहली बड़ी पहचान मिली.
फिल्म सुपरहिट, 9 अवॉर्ड… फिर भी कहानी में आया दर्दनाक मोड़
फिल्म रिलीज हुई और देखते ही देखते सुपर-डुपर हिट बन गई. बताया जाता है कि इस फिल्म को 9 अवॉर्ड भी मिले. लेकिन कहानी का सबसे दर्दनाक मोड़ तब आया, जब इतनी बड़ी सफलता के बावजूद निर्माता अवॉर्ड समारोह में जाने के लिए टिकट तक नहीं खरीद पाए. जी हां, हिट फिल्म देने के बाद भी सरदार सिंह सूरी के हालात नहीं बदले.
पार्टनर ने किया धोखा, मुनाफा नहीं मिला
बताया जाता है कि फिल्म की सफलता के बाद सूरी के साथ उनके ही एक पार्टनर ने धोखेबाजी कर दी.
फिल्म से जो कमाई हुई, उसमें उन्हें उनका हक नहीं मिला. यही वजह रही कि इतनी बड़ी हिट देने के बावजूद सूरी आर्थिक रूप से टूट गए और इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली.
‘उपकार' के सुपरहिट गाने की जड़ भी इसी फिल्म में?
इस फिल्म से जुड़ा एक और ट्रिविया बेहद चौंकाने वाला है. कहा जाता है कि मनोज कुमार की फिल्म ‘उपकार' का आइकॉनिक गीत ‘मेरे देश की धरती', पंजाबी फिल्म ‘ए धरती पंजाब दी' के गीत ‘एह धरती पंजाब दी' से प्रेरित था. खास बात यह रही कि इस फिल्म में ‘एह धरती पंजाब दी' को मोहम्मद रफी ने गाया था, जबकि ‘उपकार' में इसी भाव वाले गीत को महेंद्र कपूर की आवाज मिली और वह देशभक्ति गीतों का प्रतीक बन गया फिल्ममेकर नहीं, नेक इंसान भी थे सूरी. सरदार सिंह सूरी सिर्फ निर्माता नहीं थे. उन्होंने धार्मिक और सामाजिक कामों में भी योगदान दिया. बताया जाता है कि उन्होंने एक गुरुद्वारा भी बनवाया था.
पुण्यतिथि पर भावुक हुए प्रेम चोपड़ा
हाल ही में सूरी साहब की पुण्यतिथि (बरसी) के मौके पर मुंबई के चार बंगला गुरुद्वारे में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया. वहां प्रेम चोपड़ा भी पहुंचे और उन्होंने भावुक होकर कहा, “सरदार सूरी साहब को मैं कभी भूल नहीं सकता. उन्होंने मुझे मेरी पहली बड़ी पहचान दी. वो सिर्फ निर्माता नहीं थे, बेहद नेक इंसान थे. उन्होंने जो किया, वो आज भी मिसाल है. उनकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी.” प्रेम चोपड़ा ने यह भी कहा कि सूरी साहब का जीवन संघर्ष और मेहनत का प्रतीक रहा है और उनकी सादगी आज भी लोगों को प्रेरित करती है.
कहानी साफ है, फिल्म सुपरहिट हुई, अवॉर्ड भी मिले, लेकिन निर्माता की किस्मत ने साथ नहीं दिया. और यही वजह है कि सरदार सिंह सूरी की जिंदगी आज भी इंडस्ट्री की सबसे भावुक और प्रेरणादायक कहानियों में गिनी जाती है. चाहें तो मैं इसका एक और वर्जन “फिल्मी किस्सा/चटपटी हेडलाइन” स्टाइल में भी बना दूं, जो और ज्यादा वायरल टोन में होगा.
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