कोविड के दौरान 30 अप्रैल 2020 को बॉलीवुड को एक बड़ा नुकसान हुआ. दिग्गज एक्टर ऋषि कपूर का निधन हो गया. ऋषि की मौत से जहां फैंस बेहद दुखी थे, वहीं उनका परिवार शोक में डूब गया था. खासकर उनकी पत्नी नीतू कपूर को इसका बड़ा सदमा लगा था. अपने पति की मौत के बाद, एक्ट्रेस नीतू कपूर ने खुद को काम में पूरी तरह से डुबो दिया और नौ साल बाद फिल्म 'जुगजुग जियो' से एक्टिंग में वापसी की. हालांकि, लाइमलाइट में उनकी वापसी पर उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी, क्योंकि ट्रोलर्स ने सवाल उठाया कि इतने बड़े नुकसान के बाद वह इतनी जल्दी काम पर कैसे लौट सकती हैं. नीतू ने अब इस ट्रोलिंग पर खुलकर बात की है और उसे दुखद और भयानक बताया है.
नीतू ने ट्रोलर्स को लताड़ा
सोहा अली खान के YouTube शो 'ऑल अबाउट हर' के हालिया एपिसोड में नीतू ने काम पर लौटने के अपने फैसले के बाद झेली गई ट्रोलिंग के बारे में खुलकर बात की. इस एपिसोड में नीतू के साथ उनकी बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी भी मौजूद थीं. नीतू ने कहा, "मैंने बस काम शुरू किया था. उनका निधन हो गया था, और मैंने 'जुगजुग जियो' की. मैं बस अपना खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पाने के लिए काम पर गई थी. मैं उस समय बहुत बुरे दौर से गुजर रही थी, और जब लोग कहते थे कि, 'अरे, उनका निधन हो गया और यह फौरन काम पर जुट गई', तो मुझे बहुत दुख होता था. यह बहुत ही भयानक था. लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि मैंने ऐसा क्यों किया".
डिप्रेशन में थीं नीतू!
उन्होंने आगे कहा, "मुझे आपको बताना होगा कि मेरे साथ क्या हुआ था. जब उनका निधन हुआ, तो मैं एक-दो महीने तक सो नहीं पाई और मैंने शराब पीना शुरू कर दिया. मैं शराब पीती थी और फिर बिना शराब पिए सो ही नहीं पाती थी. मुझे अपने दिमाग को सुन्न करके सोना होता था. मुझे खुद से ही नफरत होने लगी थी. मैंने अपनी डॉक्टर को फोन किया और उनसे मदद मांगी...तो उन्होंने मुझे एक स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynaecologist) से मिलवाया, जो रात को करीब 11 बजे मेरे घर आती थीं, मुझे इंजेक्शन लगाती थीं और सुला देती थीं. जब तक मैं सो नहीं जाती थी, वह वहीं बैठी रहती थीं. वह मेरे स्टाफ से कहती थीं कि वे मुझ पर नजर रखें".
काम पर वापसी का फैसला
उन्होंने आगे बताया, "ऐसा 10 दिनों तक चला और 11वें या 12वें दिन मैंने उन्हें फोन किया और कहा कि अब मैं ठीक हूं और मैं आगे बढ़ सकती हूं. लेकिन मुझे उस माहौल से बाहर निकलना जरूरी था. मैंने करण (करण जौहर) से बात की और उन्होंने मुझसे काम पर वापस लौटने के लिए कहा".
काम से बढ़ा आत्मविश्वास
नीतू ने यह भी बताया कि 'जुग जुग जियो' की शूटिंग के दौरान वह पूरी तरह से घबराई हुई और परेशान थीं, लेकिन इस अनुभव ने उन्हें और भी ज्यादा मजबूत बना दिया. उन्होंने अपनी जिंदगी के मंत्र के बारे में भी बात की, जो है "सानू की (हमें क्या फर्क पड़ता है?)", और अगर वे मुझसे पूछते हैं, तो मैं उनसे पूछती हूं "तैनू की (तुम्हें क्या फर्क पड़ता है?)".
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