भारतीय सिनेमा और रंगमंच की दुनिया में जोहरा सहगल अपनी शानदार एक्टिंग और जिंदादिली के लिए जानी जातीं थीं. उनकी निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी जिस दौर में लड़कियों के लिए अपने फैसले खुद लेना आसान नहीं था, उस समय जोहरा सहगल ने समाज की पुरानी सोच को चुनौती दी थी. उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा वर्षों तक रही. एक पारंपरिक मुस्लिम परिवार से आने वाली जोहरा सहगल ने अपने से आठ साल छोटे हिंदू युवक कामेश्वर सहगल से शादी की थी. उस समय यह अंतरधार्मिक विवाह समाज के लिए बेहद बड़ा कदम माना जाता था. हालांकि आलोचनाओं और मुश्किलों के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को मजबूती से निभाया और एक खूबसूरत प्रेम कहानी की मिसाल बन गए.
जोहरा सहगल का जन्म 27 अप्रैल 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक रोहिल्ला पठान मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनका पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताजुल्लाह खान बेगम था. उनके परिवार में सात भाई-बहन थे. जब वह छोटी थी, तब उनकी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी जिंदगी में कई मुश्किलें आईं.

जोहरा सहगल बचपन से ही कुछ अलग करना चाहती थीं. उन्हें डांस और अभिनय से बेहद लगाव था. इसी शौक के चलते वह मशहूर डांसर और कोरियोग्राफर उदय शंकर की डांस अकादमी से जुड़ गईं और फिर उनके डांस ग्रुप का हिस्सा बन गईं. इसी दौरान उनकी मुलाकात कामेश्वर सहगल से हुई. कामेश्वर एक वैज्ञानिक होने के साथ-साथ पेंटिंग और डांस में भी दिलचस्पी रखते थे. दोनों साथ काम करते-करते एक-दूसरे के करीब आ गए.
यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई, हालांकि दोनों के रिश्ते के सामने कई मुश्किलें थीं. पहली, कामेश्वर उनसे आठ साल छोटे थे, और दूसरा, दोनों अलग धर्म से थे. उस समय समाज में इस तरह की शादी को आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता था.

परिवार और समाज के दबाव के बावजूद दोनों ने हार नहीं मानी और 14 अगस्त 1942 को शादी कर ली. उनकी यह शादी उस दौर में काफी चर्चा में रही थी. लेकिन, जोहरा और कामेश्वर ने अपने रिश्ते को हमेशा सम्मान और प्यार के साथ निभाया.
शादी के बाद दोनों कला की दुनिया में साथ काम करते रहे. जोहरा सहगल ने थिएटर में लंबा समय बिताया और पृथ्वी थिएटर से जुड़कर करीब 14 साल तक अभिनय किया. बाद में उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा. उनकी एक्टिंग का अंदाज इतना अलग था कि वह हर किरदार में जान डाल देती थीं. उन्होंने 'नीचा नगर', 'दिल से', 'हम दिल दे चुके सनम', 'वीर-जारा', 'चीनी कम' और 'सांवरिया' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया. उम्र बढ़ने के बाद भी उनकी एनर्जी कम नहीं हुई और वह लगातार काम करती रहीं.

जोहरा सहगल को कला के क्षेत्र में योगदान के लिए कई बड़े सम्मान भी मिले. उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. 10 जुलाई 2014 को 102 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं