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Mothers Day 2026: मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है- मशहूर शायरों के मां पर 10 शेर

Mothers Day Shayari: मदर्स डे 2026 10 मई को मनाया जा रहा है. इस मौके पर मुनव्वर राना समेत मशहूर शायरों के 10 चुनिंदा शेर.

Mothers Day 2026: मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है- मशहूर शायरों के मां पर 10 शेर
Happy Mothers Day 2026 Shayari: हैप्पी मदर्स डे 2026 शायरी

Happy Mothers Day 2026: एक बार अब्राहम लिंकन ने कहा था, 'जिस भी इंसान के पास मां है, वो गरीब हो ही नहीं सकता.' मां खुदा की वो नेमत है जिसे देखकर ही दुनिया के सारे दुख गायब हो जाते हैं. पूरी दुनिया में मई महीने के दूसरे संडे को मदर्स डे मनाया जा रहा है. मदर्स डे 2026 दुनियाभर में 10 मई को मनाया जा रहा है. इस भाग दौड़ भी जिंदगी में जब हम रिश्तों का महत्व खो रहे हैं और अपनों से दूर होते जा रहे हैं तो मां ही वो कड़ी है जो हमें अपनेपन से जोड़े रहती है. कुछ लोग मदर्स डे पर मां को गिफ्ट देते हैं और कुछ सोशल मीडिया पर उनके लिए पोस्ट शेयर करते हैं. लेकिन मां का प्यार तो अनमोल है जिसे किसी भी तरह से आंका नहीं जा सकता. इस साल यानी 2026 में मदर्स डे 10 मई को मनाया जा रहा है. मदर्स डे के मौके पर उर्दू के कुछ चुनिंदा शायरों की शायरी.

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मदर्स डे पर 10 चुनिंदा शेर | Mothers Day Shayari

किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं 
टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है 
सिराज फ़ैसल ख़ान

इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है 
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है 
मुनव्वर राना

चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है 
मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है 
मुनव्वर राना

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई 
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई 
मुनव्वर राना

एक मुद्दत से मिरी माँ नहीं सोई 'ताबिश' 
मैं ने इक बार कहा था मुझे डर लगता है 
अब्बास ताबिश

माँ ने लिखा है ख़त में जहाँ जाओ ख़ुश रहो 
मुझ को भले न याद करो घर न भूलना 
अजमल अजमली

शायद यूँही सिमट सकें घर की ज़रूरतें 
'तनवीर' माँ के हाथ में अपनी कमाई दे 
तनवीर सिप्रा

इसलिए चल न सका कोई भी ख़ंजर मुझ पर 
मेरी शह-रग पे मिरी माँ की दुआ रक्खी थी 
नज़ीर बाक़री

जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है 
माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है 
मुनव्वर राना

अब इक रूमाल मेरे साथ का है 
जो मेरी वालिदा के हाथ का है 
सय्यद ज़मीर जाफ़री

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