25 मई यानी आज राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार समारोह हो रहा है. इस समारोह में धर्मेंद्र को मरणोपरांत सम्मानित किया गया. इस समारोह से पहले NDTV के साथ एक इमोशनल और बेहद पर्सनल बातचीत में सीनियर एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की तरफ से उनका पद्म विभूषण ग्रहण करने के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने इस पल को एक सम्मान और साथ ही इमोशनली बहुत ही चैलेंजिंग बताया. पद्म पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए. यहां हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र का मरणोपरांत सम्मान ग्रहण किया. आंखों में आंसू लिए हेमा मालिनी ने इस पुरस्कार को भारतीय सिनेमा और राष्ट्र के प्रति धर्मेंद्र के असाधारण योगदान की एक ऐसी पहचान बताया, जिसका इंतजार लंबे समय से था. आज सम्मान लेते वक्त हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं और उनके साथ दिल्ली पहुंचीं अहाना देओल के भी आंसू छलक गए.

"धर्मजी को देश का दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार दिया गया है. वे सचमुच इसके हकदार हैं. शायद बहुत पहले ही, लेकिन कोई बात नहीं." उन्होंने NDTV से कहा. इसे अत्यंत गर्व का विषय बताते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि वे उनकी तरफ से यह सम्मान ग्रहण करने को अपना सौभाग्य मानती हैं. "धर्मजी केवल एक महान अभिनेता ही नहीं हैं. वे भारतीय सिनेमा की एक लिविंग इंस्टिट्यूशन हैं" उन्होंने फिल्मों में अपने छह दशक लंबे सफर को याद करते हुए कहा. हेमा मालिनी के मुताबिक धर्मेंद्र की लोकप्रियता न केवल उनके यादगार अभिनय के कारण है, बल्कि उन मूल्यों के कारण भी है जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं.
"छह दशकों से ज्यादा समय से, उन्होंने अपने कालजयी अभिनय, अपनी सादगी, गरिमा और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से पूरे देश के दिलों में जगह बनाई है" वे कहती हैं. उन्होंने आगे कहा कि सिनेमा से परे, धर्मेंद्र देश के भावनात्मक और सांस्कृतिक ताने-बाने का प्रतीक हैं.

"अपनी फिल्मों से परे वे भारत की आत्मा, उसकी भावना, परंपरा और मानवता का प्रतिनिधित्व करते हैं" वे कहती हैं. यह बातचीत तब और भी ज्यादा पर्सनल हो गई जब हेमा मालिनी ने उस समय को याद किया जो उन्होंने साथ बिताए थे. "मैं भाग्यशाली रही हूं कि मैं कई लोकप्रिय और यादगार फिल्मों में उनकी सह-कलाकार बनी और बाद में उनकी जीवनसंगिनी" उन्होंने हमें बताया.
उन्हें एक समर्पित पति, स्नेहिल पिता और प्यारे दादा के रूप में याद करते हुए, हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र हमेशा परिवार के लिए स्नेह और ज्ञान का स्रोत बने रहे. "वे एक प्यारे, अद्भुत और देखभाल करने वाले पति रहे हैं. मेरी बेटियों के लिए एक बहुत ही स्नेहिल पिता और मेरे नाती-पोतों के लिए एक प्यारे दादा. वे एक नेक-इरादे वाले मित्र, एक सच्चे दार्शनिक और एक भरोसेमंद मार्गदर्शक हैं" वे कहती हैं. लेकिन जिस बात ने उन्हें सबसे ज्यादा भावुक कर दिया, वह थी उनकी गैर-मौजूदगी के बारे में बात करना.

Photo Credit: Hema Malini X
भावनाओं से गला भर आने पर, हेमा मालिनी ने माना कि उनके बिना जिंदगी को समझना आज भी नामुमकिन सा लगता है. "जब तक हम साथ रहे, घर में उनकी मौजूदगी हमेशा बहुत प्यारी रही और अचानक वह अब वहां नहीं हैं. यह सोचना भी मुश्किल है कि हम उनके बिना जी रहे हैं" पिछले छह महीनों में उनके बिना जिंदगी बिताने के अनुभव को उन्होंने इन शब्दों में बयां किया.
जब वह यह सम्मान लेने के लिए राष्ट्रपति भवन जाने की तैयारी कर रही थीं, तब भी हेमा मालिनी ने कहा कि यह पल 'खट्टा-मीठा' होगा. "यह मेरे लिए एक बहुत ही मुश्किल पल होगा, लेकिन साथ ही, उनके लिए बहुत ही रोमांचक होगा, क्योंकि उन्होंने पिछले छह दशकों में बहुत ही लगन और मेहनत से काम किया है" उन्होंने कहा. हेमा मालिनी के लिए पद्म विभूषण प्राप्त करना केवल एक रस्मी बात नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही गहरा और निजी सम्मान है.

"आज मैं यह पुरस्कार पूरी विनम्रता के साथ अपने दोनों परिवारों और दुनिया भर में उनके लाखों प्रशंसकों की ओर से स्वीकार करती हूं" उन्होंने कहा. "मैं मन ही मन यह कल्पना करूंगी कि वह मेरे ठीक बगल में खड़े हैं. मैं हमेशा कहती हूं कि मैं उनका हाथ थामकर चलूंगी और फिर राष्ट्रपति से यह पुरस्कार ग्रहण करूंगी" हेमा मालिनी ने अपने मन में एक तस्वीर संजोते हुए अपनी बात पूरी की.
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