
पंजाब के प्रसिद्ध सूफी गायक और पूर्व सांसद हंसराज हंस की पत्नी रेशम कौर का गुरुवार (3 अप्रैल) को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ. 62 साल की रेशम पिछले कुछ दिनों से हृदय संबंधी दिक्कतों से पीड़ित थीं और उनका इलाज जालंधर के टैगोर अस्पताल में चल रहा था. रेशम का अंतिम संस्कार सफीपुर गांव के श्मशानघाट में हुआ. रेश्मा के निधन की खबर से संगीत और राजनीतिक जगत में शोक की लहर छा गई है. अंतिम संस्कार से पहले गायक हंसराज हंस के आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है. आज सुबह से ही गायक, राजनीतिक हस्तियां और खेल जगत के दिग्गज उनके घर पहुंच रहे हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन, कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह, मशहूर गायक मास्टर सलीम सहित कई जानी-मानी शख्सियतों ने हंसराज हंस के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की. इस दुखद क्षण में उनके प्रशंसक और शुभचिंतक सोशल मीडिया के जरिए भी शोक जता रहे हैं. रेशम कौर बॉलीवुड गायक दलेर मेहंदी की समधन भी थीं. दलेर मेहंदी की बेटी अजीत कौर का विवाह रेशम कौर के बेटे नवराज हंस से हुआ है.
हंसराज हंस न केवल एक मशहूर सूफी गायक हैं, बल्कि राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं. वह दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रह चुके हैं, जहां उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की थी. लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने उन्हें पंजाब के फरीदकोट से टिकट दिया था, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
हंसराज हंस को उनके संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा, लंदन में भी उन्हें प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया था.
हंसराज हंस ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के सदस्य के रूप में की थी. उन्होंने 2009 में जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे. इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए, जहां उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले. बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और दिल्ली से सांसद चुने गए.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं