Hindi Diwas 2024: हिंदी दिवस 14 सितंबर को है. हम आपको हिंदी के उस साहित्यकार और उसकी किताब के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस पर बॉलीवुड ने फिल्म बनाई और ये फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई. हम यहां बात कर रहे हैं हिंदी के जाने-माने साहित्यकार राजेंद्र यादव और उनके उपन्यास सारा आकाश की. सारा आकाश का निर्देशन मशहूर निर्देशक बासु चटर्जी ने किया था. फिल्म 1969 में रिलीज हुई थी. इसमें राकेश पांडे, मधु चक्रवर्ती, नंदिता ठाकुर, ए.के. हंगल, दीना पाठक, मणि कौल, तरला मेहता और जलाल आगा प्रमुख किरदारों में थे. फिल्म की कहानी आगरा में पारंपरिक मध्यवर्गीय संयुक्त परिवार की है और इसमें एक नवविवाहित जोड़े के आंतरिक संघर्षों को दर्शाया गया है, जो घर-गृहस्थी के लिए खुद को पूरी तरह तैयार नहीं समझता है.
हिंदी साहित्यकार राजेंद्र यादव के घर में ही शूट हुई थी फिल्म
इस फिल्म को राजेंद्र यादव के पैतृक आवास पर शूट किया गया था. उनका ये घर आगरा के राजा की मंडी इलाके में था. राजेंद्र यादव ने सारा आकाश उपन्यास के दूसरे संस्करण की प्रस्तावना में बताया था कि डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफर के साथ उस घर पर जाना रोमांचित कर देने वाला अनुभव था.
-
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
NDTV World Summit में पीएम मोदी ने गिनाईं एशियाड की उपलब्धियां, 'सेपकटकरॉ' का भी किया जिक्र -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...!
फिल्म के सिनेमैटोग्राफर ने बासु चटर्जी से कहा था कि ये घर तो रेडीमेड सेट है और ऐसा कुछ मुंबई में नहीं किया जा सकता. इस तरह राजेंद्र यादव ने शूटिंग के लिए अपना वो घर बासु चटर्जी को उपलब्ध कराया था. बताया जाता है कि इस फिल्म के लिए पहले जया बच्चन से संपर्क साधा गया था, लेकिन वह उन दिनों फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में थीं और इस वजह से उन्होंने इस रोल से इनकार कर दिया था.
राजेंद्र यादव का साहित्यिक सफर
राजेंद्र यादव हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित लेखक थे, जिन्हें उनकी सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कहानियों के लिए जाना जाता है. राजेंद्र यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था. राजेंद्र यादव ने हिंदी साहित्य को कई महत्वपूर्ण उपन्यास, कहानियां और लेख दिए, जो भारतीय समाज की जटिलताओं और व्यक्तिगत संघर्षों को गहराई से चित्रित करते हैं. राजेंद्र यादव की प्रमुख कृतियों में सारा आकाश, उखड़े हुए लोग, कुल्टा, शह और मात, ढोल और अपने पार और एक इंच मुस्कान शामिल हैं. राजेंद्र यादव हिंदी साहित्य में नई कहानी आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर थे.
नई कहानी आंदोलन 1950 और 1960 के दशकों में हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया, जिसमें पारंपरिक कहानी की संरचनाओं और शैलियों से हटकर नई दृष्टिकोण और विषयवस्तु को शामिल किया गया. इस आंदोलन ने साहित्यिक दृष्टिकोण को आधुनिकता और यथार्थवाद की ओर मोड़ा. राजेंद्र यादव को उनकी साहित्यिक पत्रिका हंस की वजह से भी पहचाना जाता है, जिसका संपादन उन्होंने लंबे समय तक किया.
वो किताब जिसने हिंदी सीखने पर किया मजबूर, TV पर आया सीरियल तो गलियों में पसरा सन्नाटा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं