साल 2026 के अब तक के आधे सफर को यदि हम देखें, तो एक बात स्पष्ट है, यह साल पूरी तरह से हंसी और मनोरंजन के नाम रहा है. दर्शकों ने इस दौरान कॉमेडी को केवल एक शैली के रूप में नहीं, बल्कि मनोरंजन के सबसे बड़े जरिया के तौर पर स्वीकार किया है. सिनेमाघर हों या ओटीटी (डिजिटल) प्लेटफॉर्म, हर जगह कॉमेडी का डंका बज रहा है. सबसे पहले अगर सिनेमाघरों की बात करें, तो यहां बड़े सितारों की मौजूदगी और मल्टीस्टारर फिल्मों ने कॉमेडी के स्तर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
'वेलकम टू द जंगल' फिल्म को ही लीजिए, जिसमें 32 कलाकारों की एक बहुत बड़ी फौज एक साथ नजर आई है. इतने सारे सितारों के एक साथ होने का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि फिल्म का हर दृश्य दर्शकों को हंसाने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और इसमें फिल्म के शानदार गानों ने सोने पर सुहागा का काम किया है.
ठीक इसी तरह, 'धमाल 4' जैसी फिल्म भी मल्टीस्टारर होने की अपनी ताकत का भरपूर इस्तेमाल कर रही है. जब इतने सारे कॉमेडी कलाकार एक ही फ्रेम में होते हैं, तो दर्शकों को हंसी का जो स्तर मिलता है, वह वाकई लाजवाब होता है. वहीं, 'भूत बंगला' ने हॉरर और कॉमेडी के अनोखे तड़के के साथ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में बड़ी कामयाबी हासिल की है.
दूसरी तरफ, डिजिटल प्लेटफॉर्म यानी ओटीटी की दुनिया ने कॉमेडी के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है. यहां दर्शक अब कुछ अलग, गहरा और नया देखना चाहते हैं. 'मां बहन' फिल्म इस बदलाव का सबसे बेहतरीन उदाहरण है. माधुरी दीक्षित को इतने लंबे अरसे के बाद कॉमेडी करते देखना दर्शकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह एक 'डार्क कॉमेडी' फिल्म है, जो हमारे देश में बहुत कम देखने को मिलती है. यह जौनर एक अलग तरह की कॉमेडी में आता हैं जिसमें कम से कम भारत में बहुत कम काम हुआ है.
इसके अलावा, 'टोस्टर' फिल्म को देख लीजिए, जहां राजकुमार राव एक बार फिर से अपनी कॉमेडी शैली में लौटे हैं. राजकुमार राव पहले भी कई फिल्मों में अपनी बेहतरीन कॉमेडी टाइमिंग दिखा चुके हैं, और इस फिल्म में भी उन्होंने दर्शकों को अपनी ओर खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
कुल मिलाकर, 2026 का यह आधा साल कॉमेडी के लिए बेहद शानदार रहा है. सिनेमाघरों ने जहां मल्टीस्टारर फिल्मों के जरिए सामूहिक हंसी का जश्न मनाया है, वहीं ओटीटी ने अपनी डार्क कॉमेडी और प्रयोगों के जरिए दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई है. यह साल साबित करता है कि दर्शक अब केवल तनावमुक्त होना चाहते हैं और उन्हें हर मंच पर क्वालिटी कॉमेडी की तलाश है. जिस तरह से इस साल का पहला भाग बीता है, उसे देखकर यह उम्मीद की जा सकती है कि साल का बाकी बचा हुआ सफर भी मनोरंजन और हंसी-मजाक से भरपूर होगा.
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