घर में शादी का जश्न हो या फिर कोई भी फंक्शन जैसा ही ढोल बजता या फिर कोई पंजाबी गाना तो लोग अपनी जगह से उठकर नाचने के लिए मजबूर हो जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही पंजाबी गाने के बारे में बताएंगे जिस पर आप भी खूब जमकर नाचे होंगे. फिर वो चाहे ढोल बज रहा हो या फिर डीजे में चल रहा हो. हम बात कर रहे हैं 'बारी बरसी खटन गया सी…'की, जो बारात में दूल्हे के रिश्तेदारों के ठुमकों के बीच, तो कभी भांगड़ा और गिद्दा की महफिल में, इस गीत की धुन अलग ही रंग जमा देती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस धुन पर आप जमकर नाचते हैं उस पंजाबी लोकगीत की लाइनों का मतलब क्या है? आइए, जानते हैं इन बोलों का मतलब और इससे जुड़ी कहानी.
12 साल तक घर से दूर रहने की कहानी से जुड़ी है यह लोकपंक्ति
जाबी लोकगीतों की बोली शैली से जुड़ी मशहूर पंक्ति है. यह गाना पंजाब की 'बोली' और 'टप्पा' शैली में रचा गया एक बेहद पुराना और पारंपरिक लोकगीत है. पुराने समय में लोग जब काम करने के लिए घर से दूर पैसा कमाने जाते थे और सालों-साल अपने गांव और घर से दूर रहा करते थे. 'बारी बरसी खटन गया का मतलब कुछ इस तरह है. बारी बरसी का मतलब है बारह साल से और खटन गया सी का मतलब है कमाने गया था और जब वापस आता है तो अपनों के लिए प्यार से कोई तोहफा लेकर आता है. ये गीत पंजाब की लोकपरंपरा में ऐसी बोलियां हर रोज की जिंदगी, रिश्तों और हंसी-मजाक को संगीत के जरिए बयां करती हैं.
रणवीर सिंह की फिल्म में बदले बोल, शादी के जश्न का बना एंथम
इस पंजाबी लोकपंक्ति को बॉलीवुड में भी खास पहचान मिली, साल 2010 में आई रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मी की फिल्म बैंड-बाजा-बारात में इस गाने को शामिल किया गया. मनीष शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी दिल्ली में वेडिंग प्लानिंग का कारोबार शुरू करने वाले श्रुति और बिट्टू के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म में 'बारी बरसी' गाने को सलीम-सुलेमान ने अपने संगीत से सजाया था और अमिताभ भट्टाचार्य ने इसके बोल लिख थे. इस गाने को फिल्म में हर्षदीप कौर, लभ जंजुआ और सलीम मर्चेंट ने गाया था. पुराने लोकगीत की पहचान बरकरार रखते हुए इसमें दूल्हा-दुल्हन के परिवार और शादी की मस्ती को बोलों को हिस्सा बनाया गया.
गिद्दा और भंगड़े से लेकर फिल्मों तक हुआ फेमस
'बारी बरसी' को बोली भी कहा जाता है. इसकी खासियत है कि इसकी पहली लाइन के बाद अलग-अलग तरह की लाइनें जोड़ी जाती हैं. फिर वो किसी की तारीफ करनी हो, या फिर किसी को डांस के लिए बुलाना हो तो इसके बाद अलग-अलग चीजें जोड़कर के नई बोलियां बनाई जा सकती हैं. यही वजह है कि शादी-ब्याह में इसके साथ रिश्तेदारों के नामों को भी जोड़ा जाता है.
इमोशंस से भरे हैं गाने के बोल
इस बोली को अलग-अलग तरीके के तैयार किया जाता है. उस समय की कंडीशन के हिसाब है जो इसे एक इमोशनल टच भी देती है. जैसे "बारी बरसी खटन गया सी, खट के लियांदी लोई... सारी दुनिया देख लई मां, तेरे जेहा न कोई." इन लाइनों का मतलब है, "मैं बारह सालों तक बाहर कमाने गया और वहां से लौटते समय तुम्हारे लिए शॉल लेकर आया हूं. पूरी दुनिया घूम ली हैं मां, लेकिन कही भीं तेरे जैसा कोई नहीं मिला." यहां जो शॉल है, वो सिर्फ एक तोहफा नहीं है, बल्कि उस शख्स की सालों की मेहनत है जो उसमे अपनों से दूर होने के बाद कमाई है.
वो धुन जो कभी पुरानी नहीं हुई
इस गाने को खास बनाते हैं इसके बोल जो इतने आसान हैं कि हर किसी की जुबान पर आसानी से चढ़ जाते हैं. यही वजह है कि ये पंजाबी बोल और गीत सिर्फ वहीं पर नहीं बल्कि पूरे देश और देश के बाहर भी पहुंचे हैं और पसंद किए गए हैं. जब भी भंगड़ा या गिद्दा होता है तो ये गाना एक अलग ही जान फूंक देता है. ये गाना सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए ही नहीं जाना जाता है, बल्कि ये लोगों के बीच खुशियां भी बांटता है. आज भले ही दुनिया काफी मॉर्डन हो गई है लेकिन आज भी ये धुनें हमेशा जड़ों से जोड़कर रखती हैं.
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