अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई हिट फिल्में और गाने दिए हैं जो सदाबहार हैं. ये गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं. खइके पान बनारस, रंग बरसे से लेकर मेरे अंगने में तक, ये गाने आज भी बेहद पसंद किए जाते हैं. कई गानों को अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज भी दी है. हम आज बताने जा रहे हैं ऐसे ही एक गाने के बारे में जो कल्ट है, जिसे सुनने के बाद थिएटर्स में ऑडियंस के आंसू बहने लगे थे. यह गाना हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया था. हम जिस गाने के बारे में बात कर रहे हैं वह है, 23 पहले आई फिल्म बागबान का गाना. कम ही लोगों को पता होगा कि इस फिल्म में एक्टिंग के साथ ही अमिताभ बच्चन ने गाने भी गाए थे. फिल्म में उनके कुल चार गाने थे और सभी हिट थे, लेकिन उनका गाया हुआ एक गाना आज भी फैंस के दिलों पर राज करता है. अमिताभ बच्चन ने यह गाना अपनी पत्नी (हेमा मालिनी) के लिए गाया था, जिनसे वह अलग हो गए थे. उनकी जुदाई उनसे सही नहीं जा रही थी.. उस गाने के बोल हैं...'मैं यहां तू वहां' (Main Yaha Tu Wahan) है.
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समीर अनजान और बीआर चोपड़ा ने लिखे थे बोल
इस गाने के बोल समीर अनजान ने लिखा था. वहीं IMDb के मुताबिक, गाने के शुरुआती दो मुखड़े बीआर चोपड़ा (BR Chopra) ने लिखे थे. इसे अमिताभ बच्चन ने खुद गाया था, जबकि हेमा मालिनी को अलका याग्निक (Alka Yagnik) ने आवाज दी थी. अमिताभ ने इस गाने को इस तरह से गाया कि थिएटर्स में सुनते ही लोगों के आंसू बहने लगे. कहा जाता है कि थिएटर्स में गाना बजते ही लोग रोने लगते थे.
ऐसे शूट हुई गाना
इस गाने की खास बात यह है कि यह टेलीफोन बूथ में शूट हुई. जहां अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए अमिताभ बच्चन इमोशनल हो जाते हैं और रोने लगते हैं. हेमा मालिनी भी इमोशनल होकर रोने लगती हैं. इस गाने की धुन आदेश श्रीवास्तव ने तैयार की थी.
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बागबान के बारे में
'बागबान' 2003 में आई थी. इसे रवि चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था और बी. आर. चोपड़ा ने इसे को-राइट और प्रोड्यूस किया था. यह फिल्म एक बुजुर्ग जोड़े, राज (अमिताभ बच्चन) और पूजा (हेमा मालिनी) की कहानी है, जिनकी शादी को 40 साल हो चुके हैं. राज के रिटायर होने के बाद वे अपने चार बेटों (अमन वर्मा, समीर सोनी, साहिल चड्ढा, नासिर खान) के साथ इस बात पर चर्चा करने के लिए मिलते हैं कि बुढ़ापे में उनकी देखभाल कौन करेगा. हालांकि, कोई भी बेटा दोनों माता-पिता की देखभाल नहीं करना चाहता, जिसके कारण राज और पूजा को अलग-अलग रहना पड़ता है.'बागबान' का आइडिया प्रोड्यूसर और को-राइटर बी. आर. चोपड़ा को 1960 के दशक में यूरोप की यात्रा के दौरान आया था, जब वे एक रिटायरमेंट होम गए थे और वहां रहने वाले लोगों की कहानी से प्रेरित हुए थे.
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