आज के दौर में किसी एक्टर की 100वीं या 200वीं फिल्म भी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. लेकिन भारतीय सिनेमा में एक ऐसी एक्ट्रेस भी हुईं, जिन्होंने अपने करियर में 2500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. इतना ही नहीं, उनका करियर एक-दो नहीं बल्कि पूरे 6 दशक तक चला और उन्होंने 6 अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में एक्टिंग की. दिलचस्प बात ये है कि अगर कोई इंसान आज उनकी फिल्में देखना शुरू करे और रोज सिर्फ एक फिल्म देखे, तो पूरी फिल्मोग्राफी खत्म करने में करीब 6 साल, 10 महीने और 20 दिन लग जाएंगे. ये अनोखी उपलब्धि हासिल करने वाली एक्ट्रेस थीं सुकुमारी, जिन्हें इंडियन सिनेमा की सबसे व्यस्त एक्ट्रेसेज में गिना जाता है.
छोटी उम्र में फिल्मों में आईं, फिर रच दिया इतिहास
सुकुमारी का जन्म 6 अक्टूबर 1940 को तिरुवनंतपुरम में हुआ था. बेहद कम उम्र में ही वे एक्टिंग और क्लासिकल डांस की दुनिया से जुड़ गई थीं. उन्होंने 10 साल की उम्र में 1951 की तमिल फिल्म ‘ओरु इरावु' से डेब्यू किया था. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और देखते ही देखते भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं.
मलयालम-तमिल से लेकर बंगाली व तेलुगु फिल्मों में भी किया काम
मलयालम सिनेमा से लेकर तमिल, तेलुगु, हिंदी, ओड़िया और बंगाली फिल्मों तक सुकुमारी ने हर जगह अपनी अलग पहचान बनाई. उनकी पहचान सिर्फ “मां” या “बहन” जैसे पारंपरिक किरदारों तक सीमित नहीं रही. वे अपने मजबूत, तेज-तर्रार और एक्सप्रेसिव किरदारों के लिए खास तौर पर जानी जाती थीं. गांव की साधारण महिला से लेकर आधुनिक सोच वाली महिला तक, उन्होंने हर तरह के रोल निभाए और दर्शकों को प्रभावित किया.

भरतनाट्यम और कथकली की बेहतरीन डांसर थी सुकुमारी
सुकुमारी की सबसे बड़ी ताकत उनकी आवाज, एक्सप्रेशंस और डायलॉग डिलीवरी मानी जाती थी. क्लासिकल डांस, खासकर भरतनाट्यम और कथकली में उनकी पकड़ ने उनकी एक्टिंग को और प्रभावशाली बनाया. कहा जाता है कि वे सिर्फ आंखों के एक्सप्रेशन से भी सीन में जान डाल देती थीं. यही वजह रही कि कॉमेडी, इमोशनल, फैमिली और गंभीर किरदारों में भी वे उतनी ही सहज नजर आती थीं.
पद्मश्री सहित कई बड़े सम्मान मिले
सुकुमारी को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए साल 2003 में पद्मश्री सम्मान दिया गया था. इसके अलावा उन्हें तमिलनाडु सरकार का कलैमामणि अवॉर्ड और केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस भी मिल चुका था. अपने लंबे करियर में उन्होंने एमजी रामचंद्रन, शिवाजी गणेशन, प्रेम नजीर, मोहनलाल और ममूटी जैसे कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया.
उनका साल 2013 में हार्ट अटैक के बाद चेन्नई के एक अस्पताल में निधन हो गया. लेकिन उनकी फिल्में, किरदार और रिकॉर्ड आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में बेहद खास माने जाते हैं. 2500 से ज्यादा फिल्मों में काम करना कोई मामूली बात नहीं, बल्कि अपने आप में एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं.
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