90 के दशक का शायद ही कोई ऐसा हो जिसने चंद्रचूड़ सिंह का नाम ना सुना हो और जो उन्हें जानता ना हो. उन्होंने फिल्म 'माचिस' (1996) से अपनी एक अलग पहचान बनाई और फिर रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म 'जोश' (2000) और सामाजिक मुद्दे पर बनी फिल्म 'क्या कहना' (2000) से रातों-रात स्टार बन गए. गोवा में वॉटर-स्कीइंग के दौरान हुए एक हादसे में उनके कंधे की हड्डी बार-बार खिसकने और जोड़ों में गंभीर चोट लगने के कारण उनके फिल्मी करियर पर ब्रेक लग गया.
राजा महाराजा के खानदान से हैं चंद्रचूड़ की मां
चंद्रचूड़ एक ऐसे प्रभावशाली परिवार से आते हैं, जिसकी जड़ें राजनीति, राजघराने और फिल्म इंडस्ट्री में गहरी हैं. उनके पिता, बलदेव सिंह, खैर (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) से पूर्व विधायक हैं, और उनकी मां, कृष्णा कुमारी देवी, ओडिशा के बोलांगीर के महाराजा की बेटी हैं. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई देहरादून के 'द दून स्कूल' से पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के 'सेंट स्टीफन कॉलेज' से ग्रेजुएशन किया.

शुरुआत में उन्होंने IAS अधिकारी बनने के लिए UPSC की तैयारी की थी. एक ट्रेन्ड क्लासिकल सिंगर होने के नाते उन्होंने बाद में 'वसंत वैली स्कूल' में म्यूजिक टीचर और 'द दून स्कूल' में हिस्ट्री टीचर के तौर पर भी काम किया. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत जॉय ऑगस्टीन की 1996 की रोमांटिक फिल्म 'तेरे मेरे सपने' से की, जिसमें उनके साथ अरशद वारसी और सिमरन भी थे. इस फिल्म को अमिताभ बच्चन के बैनर ABCL ने प्रोड्यूस किया था. हालांकि, गुलजार की बेहद सराही गई राजनीतिक फिल्म 'माचिस' में उनके काम ने उन्हें असली पहचान दिलाई. चंद्रचूड़ एक ऐसे सिख नौजवान के किरदार को निभाते नजर आए जो हालात से मजबूर होकर उग्रवाद का रास्ता अपना लेता है. उन्हें दर्शकों की खूब तारीफ मिली और 'बेस्ट मेल डेब्यू' का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला.

इसके बाद इस एक्टर ने कई सक्सेसफुल मल्टी-स्टारर और रोमांटिक फिल्मों में लीड एक्टर के तौर पर अपनी जगह बनाई. इनमें 'दाग: द फायर' (1999), 'दिल क्या करे' (1999), शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय के साथ 'जोश' (2000), और प्रीति जिंटा के साथ 'क्या कहना' (2000) जैसी फिल्में शामिल हैं.
वह चोट जिसने बदल दी जिंदगी
दुर्भाग्य से उनके करियर की तेज रफ्तार एक एक्सिडेंट की वजह से थम गई. गोवा में वॉटर-स्कीइंग के दौरान उनके साथ एक हादसा हो गया. इस हादसे में उनके दाहिने कंधे की हड्डी कई बार खिसक गई और जोड़ों में गंभीर चोट आ गई. इस चोट से उबरने में उन्हें काफी लंबा समय लगा, जिसके चलते उन्हें काम से दूर रहना पड़ा और उनका वजन भी काफी बढ़ गया. एक्टर को पूरी तरह ठीक होने में लगभग आठ साल लग गए. इस बीच काम के ऑफर आने बंद हो गए.
साल 2020 में मिड डे से बातचीत में उन्होंने बताया, “मैं निराशा के दौर से गुजरा, लेकिन उसके तुरंत बाद ही मैंने खुद को हालात के हवाले कर दिया. जब आप 'माचिस' जैसी फिल्म से इंडस्ट्री में आते हैं तो आपकी उम्मीदें ज्यादा होती हैं. लेकिन मैं अपनी काबिलियत सिर्फ उन्हीं ऑफर्स के आधार पर दिखा सकता था जो मुझे मिले. मैंने जितना भी काम किया है, मैं उससे खुश हूं. मैं खुद को कम नहीं आंकना चाहता था.” उन्होंने सुष्मिता सेन की फिल्म 'आर्या' से OTT पर डेब्यू किया. उन्हें रंजीत तिवारी की 2022 की साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर फिल्म 'कठपुतली' में अक्षय कुमार के साथ भी देखा गया था.

अब क्या करते हैं चंद्रचूड़ सिंह?
अब चंद्रचूड़ एक डेडिकेटेड सिंगल डैड और कभी-कभार एक्टिंग करने वाले एक्टर के तौर पर एक सिंपल और शांत जिंदगी जी रहे हैं. उनकी शादी अवंतिका मनकोटिया से हुई थी, लेकिन बाद में वे अलग हो गए. एक्टर अपना ज्यादातर समय अपने बेटे, शारनजय की परवरिश में बिताते हैं.

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