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55 साल पुराना गाना, शम्मी पर फिल्माया गया तो रोए लोग, काका ने खूब हंसाया, एक ही गीत को लेकर रफी-किशोर में टक्कर, हेमा के साथ दोनों बना सदाबहार

एक ही गाना, दो दिग्गज सितारे और दो मशहूर आवाजें. राजेश खन्ना ने अपने बेफिक्र अंदाज से इसे यादगार बनाया, तो शम्मी कपूर पर फिल्माए गए इसके दूसरे रूप ने बिल्कुल अलग एहसास कराया.

55 साल पुराना गाना, शम्मी पर फिल्माया गया तो रोए लोग, काका ने खूब हंसाया, एक ही गीत को लेकर रफी-किशोर में टक्कर, हेमा के साथ दोनों बना सदाबहार
55 साल पुराने इस सुपरहिट गाने को मोहम्मद रफी और किशोर कुमार ने दी थी आवाज

बॉलीवुड में कुछ गाने ऐसे हैं, जो वक्त के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि हर पीढ़ी के दिल में अपनी जगह बना लेते हैं. साल 1971 में आई फिल्म ‘अंदाज' का गाना ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना' भी ऐसा ही गीत है. किशोर कुमार की आवाज, राजेश खन्ना का मस्ती भरा अंदाज और हेमा मालिनी की खूबसूरती ने इसे यादगार बना दिया. लेकिन इस गाने की खास बात सिर्फ इतनी नहीं है. इसी गीत का एक दूसरा रूप मोहम्मद रफी की आवाज में भी सुनने को मिला, जिसमें शम्मी कपूर नजर आए. एक ही गाने के इन अलग-अलग रंगों ने इसे हिंदी सिनेमा के सदाबहार गीतों में शामिल कर दिया.

शम्मी कपूर और राजेश खन्ना पर फिल्माया गया एक ही गाना

साल 1971 में रिलीज हुई ‘अंदाज' का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था. फिल्म में शम्मी कपूर और हेमा मालिनी मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि राजेश खन्ना और सिमी गरेवाल खास भूमिकाओं में नजर आए. ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना' को हसरत जयपुरी ने लिखा और शंकर-जयकिशन ने इसका संगीत तैयार किया था.

इस गीत के किशोर कुमार वाले वर्जन में राजेश खन्ना का मस्ती भरा अंदाज देखने को मिलता है. उनकी बेफिक्र अदाएं और किशोर कुमार की आवाज गाने को खास बनाती हैं. वहीं, मोहम्मद रफी की आवाज वाले वर्जन में शम्मी कपूर नजर आते हैं. दोनों कलाकारों की अपनी अलग पहचान थी और यही वजह है कि एक ही गीत के दोनों रूप दर्शकों को अलग-अलग एहसास देते हैं. किशोर कुमार के गाए इस गाने को 1971 की बिनाका गीतमाला में भी पहला स्थान मिला था.

क्या है फिल्म ‘अंदाज' की कहानी?

फिल्म की कहानी रवि (शम्मी कपूर) और शीतल (हेमा मालिनी) के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों अपनी जिंदगी में जीवनसाथी को खो चुके हैं और अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं. रवि की पत्नी मोना की मौत हो चुकी है, जबकि शीतल अपने प्रेमी राज (राजेश खन्ना) को खोने के बाद बेटे दीपु के साथ जिंदगी गुजार रही है. कहानी में एक मोड़ तब आता है, जब रवि और शीतल एक-दूसरे के करीब आने लगते हैं.

हालांकि, दोनों के रिश्ते के रास्ते में परिवार और समाज की सोच बाधा बनती है. फिल्म में प्यार, बिछड़ने का दर्द, गलतफहमियां और रिश्तों की अहमियत को दिखाया गया है. राजेश खन्ना की भूमिका छोटी होने के बावजूद कहानी में खास जगह रखती है. उनके साथ हेमा मालिनी की जोड़ी और ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना' का फिल्मांकन दर्शकों को खूब पसंद आया. फिल्म में अरुणा ईरानी, अजीत, रूपेश कुमार, अचला सचदेव और मास्टर अलंकार जैसे कलाकार भी नजर आए.

बॉक्स ऑफिस पर कैसी रही थी फिल्म?

‘अंदाज' उस दौर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही. इस फिल्म से रमेश सिप्पी ने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था. आगे चलकर उन्होंने ‘शोले' जैसी यादगार फिल्म बनाई. ‘अंदाज' को हेमा मालिनी के करियर की अहम फिल्मों में भी गिना जाता है. फिल्म में शम्मी कपूर का किरदार उनके पहले के चुलबुले और मस्ती भरे अंदाज से कुछ अलग था.

फिल्म को पहचान दिलाने में राजेश खन्ना की मौजूदगी और इसके म्यूजिक का बड़ा योगदान रहा. उस समय राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल थे. ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना' की लोकप्रियता आज भी बरकरार है. किशोर कुमार की योडलिंग, मोहम्मद रफी की आवाज और शंकर-जयकिशन का संगीत इस गीत को खास बनाते हैं. यही वजह है कि 55 साल बाद भी यह गाना पुराने संगीत के शौकीनों के साथ नई पीढ़ी के बीच भी सुना जाता है.

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