80 के दशक के आखिर में हिंदी सिनेमा में रोमांस की एक नई लहर आई थी. उस दौर में कई फिल्में रिलीज हुईं, जो कहानी के साथ-साथ अपनी गानों के लिए आज भी जानी जाती हैं. लेकिन रोमांस के दौर में एक गाना ऐसा आया था, जिसने बाप-बेटे के रिश्ते को मजबूत किया था. इस गाने को millennials से लेकर Gen-Z तक हर कोई पसंद करता आया है. इस गाने के नाम ‘पापा कहते हैं' है. जो साल 1988 में आई फिल्म ‘कयामत से कयामत तक' का है.
उदित नारायण की आवाज ने बनाया यादगार
इस फिल्म ने आमिर खान और जूही चावला को पहचान दिलाई, तो वहीं फिल्म गानों ने संगीत प्रेमियों के दिलों में जगह बना ली. इसका सबसे चर्चित गीत ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा' था. कॉलेज के आखिरी दिन और भविष्य के सपनों को आवाज देता यह गाना आज भी millennials को अपने जवानी के दिनों में ले जाता है, जिन्होंने इसे पहली बार रेडियो, कैसेट या सिनेमाघर में सुना था.
-
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV WORLD SUMMIT : जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: भारत की Growth Story पर निखिल कामत का नजरिया, AI को लेकर क्या दी चेतावनी? -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब
‘पापा कहते हैं' को उदित नारायण ने गाया, जबकि इसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे. आनंद-मिलिंद ने इसका संगीत तैयार किया. गाने में कॉलेज से निकल रहे यंगस्टर के सपने, उसकी उम्मीदें और भविष्य को लेकर उत्साह दिखाई देता है. आमिर खान पर फिल्माया गया यह गाना कहानी के उस मोड़ से जुड़ा है, जब नौजवान अपनी जिंदगी की नई शुरुआत के बारे में सोचते हैं.
कॉलेज और यंगस्टर्स के इवेंट में बजता था गाना
‘पापा कहते हैं' गाने की लोकप्रियता की वजह सिर्फ इसकी धुन नहीं थी. इसके बोल उस पीढ़ी से सीधे जुड़ते थे, जो पढ़ाई पूरी करके करियर बनाने और परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने का सपना देख रही थी. यही वजह रही कि यह गाने कॉलेज और यंगस्टर्स से जुड़े इवेंट में भी खूब सुनाई दिया.
1988 में रिलीज हुई ‘कयामत से कयामत तक' का निर्देशन मंसूर खान ने किया था और इसके निर्माता नासिर हुसैन थे. फिल्म में आमिर खान और जूही चावला मुख्य भूमिका में नजर आए. फिल्म की प्रेम कहानी और संगीत, दोनों को दर्शकों ने खूब पसंद किया.
‘कयामत से कयामत तक' के संगीत एल्बम में ‘ऐ मेरे हमसफर', ‘गजब का है दिन' और ‘अकेले हैं तो क्या गम है' जैसे गाने भी शामिल थे. लेकिन ‘पापा कहते हैं' ने अलग पहचान बनाई और उदित नारायण की आवाज को आमिर खान के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.
यह भी पढ़ें | सलमान का बहाना बॉलीवुड पर निशाना, जानें अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ का भाईजान कनेक्शन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं