10 साल में बना, 33 फीट ऊंचा, 210 मीट्रिक टन वजन... तमिलनाडु से बिहार पहुंचे विशाल श‍िवलिंग को देखिए

Bihar News: इस विशाल शिवलिंग को महाबलीपुरम में पट्टिकाडू गांव में तैयार किया गया है. इसकी खासियत यह भी है कि इसे एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है, जो भारतीय शिल्पकला का एक अद्भुत नमूना भी है. इसके निर्माण में दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक साफ दिखाई देती है.

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तमिलनाडु से गोपालगंज पहुंचा दुनिया का विशालकाय शिवलिंग.
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  • बिहार के मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर में 33 फीट ऊंचा ब्लैक ग्रेनाइट का विशाल शिवलिंग स्थापित होगा.
  • महाबलीपुरम के पट्टिकाडू गांव में दस साल में तैयार किया गया शिवलिंग करीब 210 मीट्रिक टन वजनी है.
  • शिवलिंग को 96 चक्के वाले विशेष ट्रक से तमिलनाडु से गोपालगंज के बलथरी चेकपोस्ट तक लाया गया है.
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गोपालगंज:

बिहार के मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर में दुनिया के विशालकाय शिवलिंग स्थापित किया जाना है. मंदिर के लिए बनाया गया विशालकाय शिवलिंग शनिवार को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से गोपालगंज पहुंचा. शिवलिंग के वहां पहुंचते ही इसे देखने और पूजा करने वाले श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा. अभी यह शिवलिंग यूपी के रास्ते बिहार के गोपालगंज में यूपी की सीमा से सटे बलथरी चेकपोस्ट के पास पहुंचा है. इसे मोतिहारी तक जाने में अभी वक्त लगेगा. 

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22 फीट ऊंचा शिवलिंग ब्लैक ग्रेनाइट से बना

यह विशाल शिवलिंग 33 फीट ऊंचा है, जो ब्लैक ग्रेनाइट से बना है. इसका निर्माण पिछले 10 सालों से तमिलनाडु के महाबलीपुरम में किया जा रहा था. करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से बने इस विशालकाय शिवलिंग को बिहार के पूर्वी चंपारण लाया जा रहा है. तमिलनाडु से कई हफ्ते पहले चले इस शिवलिंग को 96 चक्के वाले और कई धुरी वाले ट्रक से कैथवलिया लाया जा रहा है.

इस शिवलिंग का वजन करीब 210 मीट्रिक टन है. ज्यादा वजनी और आकर में बड़े होने की वजह से बहुत ही सावधानी से इसे बिहार की सीमा में लाया गया है. जिसे अभी पूर्वी चंपारण में पहुंचने में कई घंटों का वक्त लगेगा.

विराट रामायण मंदिर में स्थापित होगा शिवलिंग

बता दें कि पूर्वी चंपारण के मोतीहारी के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर का निर्माण किया जा रहा है. मंदिर निर्माण की नींव बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति ने रखी है. 20 जून 2023 को बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और महावीर न्यास समिति से जुड़े आईएएस किशोर कुणाल ने इसका शिलान्यास किया था. शिलान्यास के बाद से ही मंदिर की नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नदी मंडप और गर्भगृह के पाइलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है.

शिवलिंग के गोपालगंज पहुंचते ही जुटी भीड़

विराट रामायण मंदिर मोतिहारी के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में बनाया जा रहा है. यहां विशाल शिवलिंग की स्थापना होने जा रही है. महावीर मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक यह शिवलिंग न केवल आकार में विशाल होगी, बल्कि रामायण काल के आध्यात्मिकता को भी प्रदर्शित करेगा. शनिवार को जैसे ही यह शिवलिंग यूपी की सीमा से सटे गोपालगंज के बलथरी चेकपोस्ट पहुंचा, वैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी. जहां-जहां से यह शिवलिंग वाला ट्रक गुजर रहा है. वहां पर लोग इसकी पूजा अर्चना करने और दीदार करने के लिए पहुंच रहे हैं.

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10 साल में बनाया गया शिवलिंग

बिहार की सीमा में प्रवेश करते ही गोपालगंज जिला प्रशासन के कई आला पदाधिकारी और पुलिस के जवान इसकी सुरक्षा के लिए पहुंचे. लोग फूल चंदन से इस विशाल शिवलिंग की पूजा करते नजर आए. इस विशाल शिवलिंग को महाबलीपुरम में पट्टिकाडू गांव में तैयार किया गया है. इसकी खासियत यह भी है कि इसे एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है, जो भारतीय शिल्पकला का एक अद्भुत नमूना भी है. इसके निर्माण में दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक साफ दिखाई देती है. गोपालगंज जिला प्रशासन के मुताबिक अभी इस शिवलिंग को अगले 50 से 60 घंटे गोपालगंज की सीमा में ही लग सकते है, क्योंकि इसे गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बहुत ही सावधानी बरती जा रही है.

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