ट्रेनें फुल तो 7 लोगों ने बनाई जुगाड़ की नाव, 84 घंटे में तय की 550 किमी: जानें पूरा मामला

बहरहाल  बक्सर से युवाओं के द्वारा की गई ये यात्रा इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है जो आस्था के इस महापर्व में डुबकी लगाने हेतु प्रेरित करती है...

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पटना:

आस्था के इस महापर्व में डुबकी लगाने हेतु बक्सर के युवाओं ने गजब कारनामा कर दिया है बक्सर के कम्हरिया  ग्राम स्थित सात  युवाओं ने नाव के सहारे गंगा के माध्यम से बक्सर से प्रयागराज के सफर को तय क्या किया जो पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया. दरअसल 8 से 9 फरवरी को प्रयागराज आने वाले हर रास्ते में भीषण जाम ने महाकुंभ की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए समस्या खड़ा कर दिया था ट्रेन की सीट फुल थी आम जनता प्रयागराज जाने में 2 से 3 दिन का सफर भी नहीं कर पा रही थी महा जाम के बीच गाड़ियां जहां रोड अरेस्ट हो चुकी थी वही ट्रेन ओवरलोड की स्थिति में चल रही थी ऐसे में बक्सर के युवाओं के द्वारा एक नया कारनामा कर दिया गया जो इस समय चर्चा बिषय बना हुआ है.

कैसे हुई यात्रा

दरअसल बक्सर के कम्हरिया ग्राम के युवाओं के द्वारा  नाव पर मोटर बांधकर करीब बक्सर से प्रयागराज तक 550 किलोमीटर की यात्रा की शुरुआत की...कम्हरिया के  युवा बताते हैं कि रोड जाम होने की वजह से कमरिया ग्राम से म सुखदेव चौधरी आडू चौधरी सुमन चौधरी मुन्नू चौधरी सहित सभी लोग ने यात्रा के बारे में सोचा लेकिन सड़क जाम था ट्रेन में फूल थी ऐसे में उनके दिमाग में नाव से यात्रा करने के विचार आया.

युवा बताते हैं कि उन लोगों के द्वारा नव का इस्तेमाल किया गया जिस पर दो-दो मोटर को बांधा गया क्योंकि अगर एक मोटर फेल कर जाए तो दूसरा मोटर कम करें साथ में राशन पानी और पैसा लेकर यह 7 युवा बक्सर से निकल पड़े वही भरौली  निवासी मुन्नू ने बताया कि 5 से 6 किलोमीटर तक स्वयं चलाना पड़ता था क्योंकि मोटर बोट पर लगा मोटर गर्म हो जाता था जिसके बाद एक-एक करके सभी लोग चलाते रहते थे रात में लोग जागते थे और सभी लोग नाव चलाते हुए जा रहे थे ....

यात्रा कर रहे सभी लोग बताते हैं कि11 तारिख घर से निकलने के बाद 13 फरवरी के तड़के संगम में उनके द्वारा डुबकी लगाई गई और 16 तारीख की रात 10 बजे  तक हम लोग बक्सर से कुशल वापस आ गए ....वही  यात्रा कर रहे हैं सुमन चौधरी बताते हैं कि इस पूरे यात्रा में करीब ₹20,000 का खर्चा आया जिसमें पेट्रोल का खर्च शामिल था प्लास्टिक के कैनन शामिल था साथ ही राशन पानी और अन्य खर्च शामिल था हालांकि उनके द्वारा यह भी कहा गया कि यह यात्रा केवल प्रोफेशनल लोग ही कर सकते हैं आम जनता के लिए यात्रा कठिनाई और खतरनाक भरा रहेगा

 बहरहाल  बक्सर से युवाओं के द्वारा की गई ये यात्रा इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है जो आस्था के इस महापर्व में डुबकी लगाने हेतु प्रेरित करती है...

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